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उत्तराखंड

गेहूं उत्पादन में नया कीर्तिमान: बेमौसम बारिश भी नहीं रोक पाई रफ्तार, टूटेंगे पिछले सभी रिकॉर्ड

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के अन्नदाताओं और नागरिकों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि चालू फसल वर्ष 2025-26 में भारत का गेहूं उत्पादन पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़ सकता है। हालांकि इस साल बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण फसलों को कुछ नुकसान पहुँचा है, लेकिन इसके बावजूद कुल पैदावार पिछले साल के 11 करोड़ 79.4 लाख टन के स्तर को पार कर जाने का अनुमान है।

सरकार का मानना है कि फसल की गुणवत्ता अच्छी होने के कारण इस बार मंडियों में रिकॉर्ड सरकारी खरीद भी होगी। प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में कटाई का काम लगभग पूरा हो चुका है और वर्तमान में खरीद प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से चल रही है, जो देश की खाद्य सुरक्षा को और अधिक मजबूती प्रदान करेगी।

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कृषि मंत्रालय का सकारात्मक अनुमान

कृषि मंत्रालय ने बेमौसम बारिश की चुनौतियों के बीच भी गेहूं उत्पादन को लेकर बेहद उत्साहजनक आंकड़े पेश किए हैं। मंत्रालय के शुरुआती अनुमान के अनुसार, इस साल देश में लगभग 12 करोड़ 2.1 लाख टन गेहूं का उत्पादन होने की उम्मीद है, जो बीते वर्षों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति को दर्शाता है।

हालांकि, ‘रोलर फ्लोर मिलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ जैसी संस्थाओं ने हाल के खराब मौसम को देखते हुए उत्पादन में मामूली गिरावट की आशंका भी जताई थी, लेकिन सरकार का मानना है कि फसलों के रकबे और आधुनिक खेती के तरीकों के कारण अंतिम परिणाम सकारात्मक ही रहेंगे।

प्रमुख उत्पादक राज्यों में कटाई का समापन

देश के मुख्य रबी उत्पादक राज्यों में गेहूं की कटाई का महत्वपूर्ण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है या पूरा हो चुका है। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि फसल की आवक मंडियों में तेजी से बढ़ रही है और सरकार इस बार पिछले सालों के मुकाबले अधिक मात्रा में गेहूं खरीदने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

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फसल की बेहतर गुणवत्ता और सरकार की समर्थन मूल्य नीतियों के चलते यह उम्मीद की जा रही है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा। यह रिकॉर्ड उत्पादन न केवल घरेलू मांग को पूरा करेगा, बल्कि भविष्य के लिए सुरक्षित अनाज भंडार को बनाए रखने में भी सहायक सिद्ध होगा।

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