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उत्तराखंड

उत्तराखंड में ओलावृष्टि से भारी नुकसान: बागवानी फसलें और गेहूं की खेती चौपट

उत्तराखंड में इस महीने की शुरुआत में हुई भारी बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। उद्यान विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में कुल 3469 हेक्टेयर क्षेत्र में फल और सब्जियों की खेती को भारी नुकसान पहुँचा है। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार मुआवजे का लाभ केवल उन किसानों को मिल पाएगा जिनकी फसल 33 प्रतिशत से अधिक बर्बाद हुई है, जो फिलहाल केवल 18 हेक्टेयर क्षेत्र में दर्ज की गई है।

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इन जिलों और ब्लॉकों में पहुँचा सबसे अधिक नुकसान

उद्यान विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक, ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर राज्य के चुनिंदा पहाड़ी जिलों में देखा गया है। इसमें टिहरी जिले के सभी ब्लॉक, चंपावत जिले के चंपावत और पाटी ब्लॉक, उत्तरकाशी के भटवाड़ी व नौगांव ब्लॉक, और नैनीताल जिले के धारी व रामगढ़ ब्लॉक शामिल हैं। इन क्षेत्रों में गेहूं के साथ-साथ फलों और सब्जियों के बागानों को काफी क्षति हुई है।

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मुआवजे और विभाग की रिपोर्ट का अपडेट

उद्यान विभाग के उप निदेशक रतनलाल ने पुष्टि की है कि क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि बारिश और ओलावृष्टि से व्यापक स्तर पर बागवानी प्रभावित हुई है। विभाग अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगा ताकि प्रभावित क्षेत्रों के डेटा के अनुसार प्रक्रिया को बढ़ाया जा सके।

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