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उत्तराखंड

उत्तराखंड में पहली बार महिला नीति ड्राफ्ट को मंजूरी

उत्तराखंड सरकार राज्य में पहली बार एक समर्पित महिला नीति लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है, जिसके प्रारूप को हाल ही में सचिव समिति ने अपनी मंजूरी दे दी है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश की महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक विकास सुनिश्चित करना है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस नीति को महिलाओं के समग्र विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि वे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे हर क्षेत्र में सशक्त बन सकें। सचिव समिति की मुहर लगने के बाद अब इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट के समक्ष लाया जाएगा, जिसके बाद यह पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएगी।

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पंचायती स्तर पर महिलाओं की बढ़ेगी भागीदारी

  • इस नई नीति में ग्राम पंचायतों के स्तर पर ‘महिला सभाओं’ के आयोजन की विशेष सिफारिश की गई है।
  • इसका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें स्थानीय शासन में प्रोत्साहित करना है।

विभिन्न वर्गों की चुनौतियों का समाधान

  • नीति के प्रारूप में अनुसूचित जाति, जनजाति और कामकाजी महिलाओं के सामने आने वाली विशिष्ट चुनौतियों को कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का प्रावधान है।
  • कामकाजी महिलाओं के लिए कार्यस्थल पर सुरक्षा और बेहतर माहौल सुनिश्चित करना इस नीति की प्राथमिकताओं में शामिल है।
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महाराष्ट्र की तर्ज पर ‘एक्शन प्लान’ और उच्च शक्ति समिति

  • उत्तराखंड सरकार महाराष्ट्र की महिला नीति की तर्ज पर एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार कर रही है।
  • लैंगिक समानता और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक ‘राज्य स्तरीय उच्च शक्ति समिति’ का गठन किया जाएगा।
  • यह समिति नीति के प्रभावी कार्यान्वयन की निगरानी करेगी और महिला एवं बाल विकास मंत्री सहित अन्य प्रमुख मंत्री इसके सदस्य होंगे।

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