उत्तराखंड
विकासनगर झेल रहा विकास की प्रसव पीड़ा..!
विकास अवाम को खुशी देता है लेकिन इसकी प्रसव पीड़ा का ट्रीटमेंट सलीके से न किया जाए तो इसका दर्द इतना असहनीय जाता है कि आम आदमी झल्ला उठता है। देहरादून के विकासनगर में भी जनता इन दिनो विकास की प्रसव पीड़ा झेल रही है। दरअसल यहां पांच सौ पैतीस करोड़ की लागत से सीवर और पेयजल लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जिसके चलते स्थानीय लोग हो या राहगीर सभी हलकान हैं। हाईवे पर चल रही खुदाई यातायात के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। तो बाजार में ग्राहक और दुकानदारों के लिए आफत।
आलम ये है कि आए दिन जाम के चलते विकासनगर को हांफने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सबसे दिक्कत वाली बात ये है कि उत्तराखंड की चार धाम यात्रा का आगाज होने में कुछ ही दिन बाकी हैं जबकि काम सुरसा के मुंह से बड़ा दिखाई दे रहा है। ऐसे में प्रशासन हो या कार्यदायी संस्था सब के लिए चंद दिनो में काम निबटाना एक बड़ी चुनौती है। तय है कि काम चार धाम यात्रा शुरू होने से पहले नहीं निबट पाएगा। लिहाजा प्रशासन के माथे पर सलवटें पड़ना लाजमि है।
हालांकि स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सलाह दी है कि काम को 500-500 मीटर के हिस्से में बांटकर पूरा किया जाए। सलाह तो अच्छी है लेकिन कार्यदायी संस्था इस पर अमल करेगी या अनसुना रखेगी ये देखने वाली बात होगी। विकासनगर में इन दिनों 535 करोड़ की लागत से सीवर और पेयजल लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन विकास के इस बड़े काम के बीच आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजार और हाईवे पर चल रही खुदाई के चलते यातायात व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो रही है, जिससे रोजाना जाम की स्थिति बन रही है।
खास बात ये है कि चारधाम यात्रा भी शुरू होने वाली है और विकासनगर का यह मार्ग यात्रियों के लिए बेहद अहम माना जाता है। ऐसे में समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त करना प्रशासन और कार्यदाई संस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को लेकर स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने कार्यदाई संस्था और हाईवे अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया और काम की गुणवत्ता व प्रगति का जायजा लिया। विधायक का कहना है कि लोगों को जाम से राहत देने के लिए काम को 500-500 मीटर के छोटे हिस्सों में बांटकर किया जा रहा है, ताकि पूरी सड़क एक साथ बाधित न हो और यातायात सुचारू बना रहे।



