उत्तराखंड
गंगोत्री‑यमुनोत्री कपाट खुलने पर यात्रियों को चेतावनी: धाम की पवित्रता बनाए रखें, स्वच्छता पर रहे ध्यान
उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के शुभ अवसर पर सभी तीर्थयात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि धामों की पवित्रता और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। मंत्री महाराज ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि यात्रा के दौरान प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर न फेंककर केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालें। साथ ही, उन्होंने बताया कि सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए रजिस्ट्रेशन, हेल्थ चेकअप और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
यात्रियों के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश
यात्रा को व्यवस्थित रखने के लिए सरकार ने कुछ कड़े नियम बनाए हैं। सभी श्रद्धालुओं को अपना QR कोड वाला रजिस्ट्रेशन पास और आधार कार्ड अनिवार्य रूप से साथ रखना होगा। साथ ही, यात्रा के दौरान समय-समय पर जारी होने वाली SOP का पालन करना अनिवार्य है।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मंत्री ने कहा कि 50 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों या पहले से बीमार लोगों को अपना हेल्थ चेकअप सर्टिफिकेट साथ रखना जरूरी है। सरकार ने सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य जांच केंद्रों और सुरक्षा बलों की पर्याप्त तैनाती की है ताकि अधिक से अधिक संख्या में लोग बिना किसी परेशानी के दर्शन कर सकें।
यात्रा मार्ग में शौचालय की कमी से यात्री परेशान
चारधाम यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को भारी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था न होना एक गंभीर समस्या बनकर उभरा है। यात्रियों ने शिकायत की है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के ठहराव के बावजूद प्रशासन द्वारा स्वच्छता के उचित इंतजाम नहीं किए गए हैं। सार्वजनिक शौचालयों की कमी के कारण मजबूरन कई तीर्थयात्रियों को पास में स्थित सरकारी अस्पताल के शौचालयों का उपयोग करना पड़ रहा है। यात्रियों की इस अचानक भीड़ की वजह से अस्पताल प्रशासन को भी काफी दिक्कतों और अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।





