उत्तराखंड
उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी का दौर शुरू: मसूरी, धनौल्टी में पहला स्नोफॉल, 7 जिलों में रेड अलर्ट!
उत्तराखंड में शुक्रवार को मौसम ने अपनी करवट आखिरकार बदल ली है। शुक्रवार की सुबह ठंडी हवाओं के साथ-साथ बरसाती फुहारों के साथ हुई, इसी क्रम में प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी शुरु हो गई। वहीं पहाड़ों की रानी मसूरी समेत धनौल्टी और चकराता में इस सीजन का पहला स्नोफॉल हुआ, चूंकि मौसम विभाग ने बीते गुरुवार को ही शुक्रवार से प्रदेश के मौसम में करवट होने की प्रबल संभावना स्पष्ट की थी लिहाजा शुक्रवार सुबह का आगाज बारिश-बर्फबारी के साथ हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र ने शुक्रवार को राजधानी दून समेत उत्तरकाशी और अन्य 6 जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट जारी किया है, जबकि शेष जिलों में ओलावृष्टि व तेज हवाओं का येलो अलर्ट है। प्रदेश के चार धामों केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड में बर्फबारी होने से ठंड वापस लौट आई है।
हालांकि, प्रदेश के अन्य मैदानी इलाकों में मौसम बिगड़ा रहा, हल्द्वानी में शुक्रवार सुबह से ही हल्के बादलों के आच्छादित होने से तेज हवाओं का सिलसिला शुरु हो गया, तो वहीं बागेश्वर जिले में कोहरा छाया रहा। पिथौरागढ़ में हल्के बादल छाए रहे, वहीं सरोवर नैनीताल में भी हल्के बादल छाए। हालांकि, बीती रात मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद भी बारिश नहीं हुई। रानीखेत, द्वाराहाट, सल्ट समेत पर्वतीय क्षेत्रों में बादल छाने से ठंड बढ़ी। वहीं योगनगरी ऋषिकेश में बारिश हुई। जिससे कंपकंपाती सर्दी पड़ रही है। कोटद्वार में बादल छाए। यहां बारिश की संभावना बनी हुई है। जिला मुख्यालय नई टिहरी में मौसम खराब बना रहा, गुरुवार रात में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। हरिद्वार सहित आसपास के क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई। रुड़की में आसमान में बादल छाए और हवा चलती रही। बारिश की संभावना बनी हुई है। उत्तरकाशी में सभी तहसील क्षेत्रों में बादल लगे रहे। बारिश होने की संभावना बनी रही।

जानिए मौसम का पूर्वानुमान
उत्तराखंड में मौसम की करवट के बाद मौसम विज्ञान केंद्र ने पूर्वानुमान जारी किया है, मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार राजधानी देहरादून समेत, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भारी बारिश व बर्फबारी का अनुमान जताया है।अन्य जिलों में ओलावृष्टि व झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट है। बारिश से किसानों और आम जनता को राहत मिलेगी, क्योंकि सूखे के कारण फसलें खराब हो रही हैं और जंगल में आग लग रही है।





