Connect with us

उत्तराखंड

उत्तराखंड में AI भविष्य की ताकत; राज्यपाल ने बताया कैसे समाज के लिए वरदान बन सकता है(AI)

देहरादून के तेलंगाना लोक भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने AI के भविष्य पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एआई आज केवल एक तकनीकी शब्द नहीं है, बल्कि एक ऐसी शक्ति बन चुका है जो शासन, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को पूरी तरह बदल रहा है। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यदि हम एआई का उपयोग जिम्मेदारी, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों के साथ करते हैं, तो यह समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।

यह भी पढ़ें 👉  CM पुष्कर धामी ने डॉक्टरों को दी नसीहत: निष्ठा-करुणा से निभाएं जिम्मेदारी

विभिन्न क्षेत्रों में एआई की भूमिका और संभावनाएं

इस विचार-विमर्श कार्यक्रम में रक्षा, विमानन, चिकित्सा और सशस्त्र बलों से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने बताया कि एआई न केवल तकनीकी विकास में सहायक है, बल्कि यह भविष्य की चुनौतियों से निपटने के नए रास्ते भी खोल रहा है। कार्यक्रम के दौरान इन अनुभवी पेशेवरों ने अपने-अपने क्षेत्रों में एआई के उपयोग से जुड़ी संभावनाओं और आने वाली चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

यह भी पढ़ें 👉  चारधाम यात्रा 2026: नारसन चेकपोस्ट पर AC वेटिंग हॉल, फ्री ट्रैवल किट की सौगात!

रक्षा क्षेत्र में नई क्रांति: काउंटर-ड्रोन प्रणाली

सुरक्षा के मोर्चे पर एआई के महत्व को रेखांकित करते हुए विशेषज्ञों ने ‘काउंटर-ड्रोन प्रणाली’ का जिक्र किया। रक्षा क्षेत्र में एआई पर आधारित यह तकनीक आधुनिक सुरक्षा चुनौतियों का प्रभावी समाधान पेश कर रही है। राज्यपाल ने भी इस बात पर बल दिया कि सुरक्षा और विकास के स्वरूप को तेजी से बदलने वाली इस तकनीक का सही दिशा में इस्तेमाल होना अनिवार्य है। इस अवसर पर किरण राजू, डॉ. सुब्बा राव और विंग कमांडर साईं जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

Ad

More in उत्तराखंड

Ad

Trending News

Follow Facebook Page