Uncategorized
देहरादून KVS में जनगणना ड्यूटी से खेलकूद प्रतियोगिता और शिक्षण कार्य दोनों प्रभावित
देहरादून के केंद्रीय विद्यालयों में जनगणना कार्य के लिए बड़ी संख्या में शिक्षकों की तैनाती किए जाने से शिक्षण कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। अखिल भारतीय केंद्रीय विद्यालय शिक्षक संघ ने इस मुद्दे पर नगर निगम के नोडल अधिकारी को पत्र लिखकर अपनी चिंता व्यक्त की है। संघ का कहना है कि शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में ही शिक्षकों को अन्य कार्यों में लगाए जाने से स्कूलों में पढ़ाई बाधित हो रही है, जिससे छात्रों के भविष्य पर असर पड़ सकता है।
बोर्ड परीक्षा परिणाम और मूल्यांकन की चुनौती
शिक्षक संघ के महासचिव डीएम लखेड़ के अनुसार, वर्तमान में शिक्षक सीबीएसई (CBSE) के मूल्यांकन कार्य में व्यस्त हैं। इसके साथ ही, हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम भी आने वाले हैं। ऐसे समय में छात्रों के बेहतर प्रदर्शन और कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए शिक्षकों की स्कूलों में उपस्थिति अनिवार्य है। शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी पर भेजने से बोर्ड परीक्षाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभाना कठिन हो रहा है।
खेलकूद स्पर्धाओं के आयोजन में बाधा
इसी महीने केंद्रीय विद्यालय देहरादून संभाग की 55वीं क्षेत्रीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन होना प्रस्तावित है। किसी भी बड़े खेल आयोजन के सफल संचालन के लिए शिक्षकों की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता होती है। संघ ने स्पष्ट किया है कि जनगणना ड्यूटी के कारण इस खेल प्रतियोगिता के आयोजन में भी काफी दिक्कतें आ रही हैं।
शिक्षा के अधिकार अधिनियम का हवाला
शिक्षक संघ ने ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ (RTE) का हवाला देते हुए प्रशासन को याद दिलाया है कि इसमें शिक्षण कार्य को बाधित न करने के विशेष प्रावधान हैं। संघ ने मांग की है कि जनगणना ड्यूटी में लगाए गए केंद्रीय विद्यालय के शिक्षकों की संख्या तुरंत कम की जाए, ताकि स्कूलों में शिक्षा का माहौल बना रहे और छात्र बिना किसी रुकावट के अपनी पढ़ाई और अन्य गतिविधियों को जारी रख सकें।





