उत्तराखण्ड
डिजिटल फार्मर रजिस्ट्री पर फूटा कृषि‑उद्यान विभाग के कर्मचारियों का गुस्सा
देहरादून में कृषि, उद्यान और अन्य विभागों के कर्मचारियों द्वारा गठित समन्वय समिति ने शासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस आंदोलन को ‘राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद’ का भी पूर्ण समर्थन मिल गया है। आज यानी गुरुवार, 2 अप्रैल को कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर परेड ग्राउंड से सचिवालय तक विशाल रैली (कूच) निकालेंगे। कर्मचारियों का मुख्य विरोध डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के बढ़ते दबाव को लेकर है, जिसे वे अव्यावहारिक मान रहे हैं।
1. संयुक्त परिषद का मिला भारी समर्थन
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडे ने स्पष्ट किया है कि परिषद पूरी तरह से समन्वय समिति के साथ खड़ी है। इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए परिषद से जुड़े सभी घटक संगठनों और पदाधिकारियों को पत्र भेजकर रैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया गया है। आज होने वाले इस सचिवालय कूच में हजारों कर्मचारियों के जुटने की संभावना है।
2. डिजिटल क्रॉप सर्वे का कड़ा विरोध
आंदोलन का मुख्य कारण गन्ना, कृषि, उद्यान और राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर बढ़ता काम का बोझ है। कर्मचारियों का आरोप है कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पहले निजी सर्वेयरों से कराने की योजना थी, लेकिन अब शासन ने बिना किसी अतिरिक्त संसाधन या व्यवस्था के यह पूरा दायित्व विभागीय कर्मचारियों पर थोप दिया है। उनका कहना है कि पर्याप्त संसाधनों के बिना यह कार्य करना असंभव है।
3. कर्मचारियों का मानसिक और शारीरिक शोषण
समिति के पदाधिकारियों ने शासन की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बिना तैयारी के नई प्रणालियां लागू करना कर्मचारियों के साथ सीधा अन्याय है। ‘फार्मर रजिस्ट्री’ और अन्य डिजिटल कार्यों के बढ़ते दबाव के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका तर्क है कि इस तरह की अव्यावहारिक कार्यप्रणाली न केवल उनका मानसिक उत्पीड़न कर रही है, बल्कि यह उनका शारीरिक शोषण भी है।





