Connect with us

उत्तराखंड

यूपीसीएल के बड़े अफसरों की अब खैर नहीं: उपभोक्ताओं की शिकायत पर एमडी और निदेशक भरेंगे जुर्माना

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। आयोग के नए निर्देशों के अनुसार, यदि बिजली उपभोक्ताओं को सेवा में किसी भी तरह की परेशानी होती है या नियमों का पालन नहीं किया जाता, तो अब केवल निचले कर्मचारी ही नहीं बल्कि यूपीसीएल के एमडी (MD) और निदेशक स्तर के बड़े अधिकारियों पर भी सीधी कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरतने वाले इन उच्च अधिकारियों को न सिर्फ नोटिस जारी किए जाएंगे, बल्कि उन पर व्यक्तिगत रूप से जुर्माना भी लगाया जाएगा और उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई के लिए तलब भी किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें 👉  कोयला गैसीकरण परियोजनाओं को 37,500 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन, 2030 तक घरेलू ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्य

बड़े अधिकारियों की जवाबदेही तय

अब तक बिजली कनेक्शन में देरी या अन्य समस्याओं पर केवल ऊर्जा निगम पर जुर्माना लगता था या छोटे इंजीनियरों को नोटिस मिलता था। लेकिन अब आयोग ने साफ कर दिया है कि एमडी, निदेशक ऑपरेशन, निदेशक प्रोजेक्ट, और निदेशक वित्त समेत मानव संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस कानून के दायरे में आएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए और अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच न सकें।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड ट्रैफिक नियम सख्त: बिना हेलमेट पर 1500 जुर्माना+3 महीने DL सस्पेंड, कैबिनेट मंजूरी बाकी

लापरवाही पर व्यक्तिगत कार्रवाई और जुर्माना

विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद के अनुसार, उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा देना यूपीसीएल समेत सभी निगमों का बुनियादी कर्तव्य है। यदि इसमें लापरवाही पाई जाती है, तो अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। अब सिस्टम में सुधार लाने के लिए सीधे मुख्यालय स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर आर्थिक दंड लगाने की तैयारी कर ली गई है, ताकि जनता की शिकायतों का समय पर निपटारा हो सके।

Ad Ad Ad

More in उत्तराखंड

Ad Ad Ad

Trending News

Follow Facebook Page