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उत्तराखंड

उत्तराखंड: विकासनगर में गोल्डन कार्ड का लाभ न मिलने पर शिक्षकों और विद्युत कर्मचारियों का भारी विरोध

विकासनगर क्षेत्र में सरकारी कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाओं का उचित लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिसे लेकर ‘उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ’ ने कड़ा रोष व्यक्त किया है। संघ का कहना है कि पछवादून क्षेत्र के विभिन्न विभागों के लगभग 2,000 से अधिक कर्मचारी और उनके परिवार यहाँ रहते हैं, लेकिन उन्हें स्थानीय ‘ग्राफिक एरा अस्पताल’ में गोल्डन कार्ड के माध्यम से कैशलेस इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है। हाल ही में एक दुर्घटना में घायल हुए शिक्षक को भी इस कार्ड का लाभ नहीं मिल सका, जिससे नाराज होकर संघ ने नगर पालिका अध्यक्ष धीरज बॉबी नौटियाल को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही, विद्युत कर्मचारियों ने भी निजीकरण और परिसंपत्तियों के हस्तांतरण के विरोध में ‘हुंकार’ भरते हुए आंदोलन का रास्ता चुना है

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गोल्डन कार्ड सुविधा से वंचित शिक्षक और कर्मचारी

प्राथमिक शिक्षक संघ की अध्यक्षा मधु पटवाल के अनुसार, क्षेत्र के बड़े अस्पतालों में गोल्डन कार्ड के तहत मुफ्त इलाज न मिलना एक गंभीर समस्या बन गई है। 20 फरवरी को हुई एक सड़क दुर्घटना में एक महिला शिक्षक की मौत हो गई और एक अन्य शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन अस्पताल में कार्ड मान्य न होने के कारण उन्हें इलाज में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शिक्षकों ने मांग की है कि राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण (SGHS) के पैनल में शामिल सभी अस्पतालों में सरकारी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाए।

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विद्युत कर्मचारियों का निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन

दूसरी ओर, उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने भी अपनी मांगों को लेकर विरोध सभा आयोजित की। कर्मचारियों ने डाकपत्थर स्थित विद्युत भवन पर एकत्र होकर सरकार के निजीकरण को बढ़ावा देने वाले फैसलों और परिसंपत्तियों के हस्तांतरण के शासनादेश का विरोध किया। उन्होंने केंद्र सरकार के विद्युत सुधार अधिनियम 2025 की आलोचना करते हुए देशव्यापी ‘लाइटनिंग स्ट्राइक’ में शामिल होने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।

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