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उत्तराखण्ड

पैन कार्ड अब हर बड़े लेनदेन के लिए जरूरी: 1 अप्रैल से नए नियम, जानें बैंक, होटल और गाड़ी खरीद पर क्या चेंज होंगे

1 अप्रैल 2026 से नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही इनकम टैक्स एक्ट में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। सरकार छह दशक पुराने 1961 के आयकर कानून की जगह अब ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू कर रही है। इसके तहत पैन कार्ड अब केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि हर बड़े वित्तीय लेनदेन के लिए अनिवार्य दस्तावेज बन जाएगा। बैंकिंग, निवेश, प्रॉपर्टी और वाहन खरीद से जुड़े नियमों को और सख्त बनाया गया है ताकि लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ सके। यदि आपने समय रहते इन नियमों को नहीं समझा, तो आपके कई जरूरी वित्तीय काम अटक सकते हैं।

पैन आवेदन की प्रक्रिया में बदलाव

अब केवल आधार कार्ड के जरिए पैन कार्ड बनवाने की सुविधा खत्म हो जाएगी। 1 अप्रैल 2026 से नया पैन कार्ड बनवाने या अपडेट कराने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसे अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे। साथ ही, अब पैन कार्ड पर वही नाम मान्य होगा जो आपके आधार कार्ड में दर्ज है। पुराने पैन फॉर्म भी अब अमान्य हो जाएंगे और आवेदन के लिए नए फॉर्म जारी किए जाएंगे।

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बैंकिंग और नकद लेनदेन के नए नियम

बैंकिंग लेनदेन में पैन की अनिवार्यता की सीमाएं बदल दी गई हैं। अब बैंक या डाकघर से एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक की नकद निकासी या जमा पर पैन देना अनिवार्य होगा। पहले प्रतिदिन 50,000 रुपये की सीमा थी, लेकिन अब इसे सालाना आधार पर तय किया गया है। यदि आप पूरे साल में अपने बैंक खाते में कुल 10 लाख रुपये से अधिक जमा करते हैं, तो पैन की जानकारी देना जरूरी होगा।

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प्रॉपर्टी, गाड़ी और होटल बिल पर असर

संपत्ति और वाहनों की खरीद-बिक्री से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया गया है:

  • प्रॉपर्टी: अब 20 लाख रुपये या उससे अधिक की संपत्ति के रजिस्ट्रेशन पर पैन अनिवार्य है (पहले यह सीमा 10 लाख थी)।
  • वाहन: 5 लाख रुपये से अधिक का कोई भी वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) खरीदने पर पैन देना होगा।
  • होटल और रेस्टोरेंट: होटल के 1 लाख रुपये से अधिक के नकद बिल भुगतान पर अब पैन देना अनिवार्य होगा, जो पहले 50,000 रुपये था।

पुराने आवेदनों का क्या होगा?

आयकर विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों ने 31 मार्च 2026 तक पैन के लिए आवेदन कर दिया है, उनके आवेदन पुराने नियमों के आधार पर ही निपटाए जाएंगे। उन्हें नए सिरे से फॉर्म भरने या नए दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी।

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