Connect with us

Uncategorized

लूट की छूट पर लगे ब्रेक से बौखलाया शराब व्यापारी,सरकार की साख पर लगा रहा बट्टा, विभाग के कौन से विभीषण दे रहे संरक्षण ?

देहरादून- कुछ शराब के कारोबारी आबकारी महकमे को अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं। उन्हें ये मंजूर नहीं कि सरकारी महकमे के कायदे कानून उनके धंधे को सलीके से चलना सिखाएं। जी हां सोशल मीडिया पर आजकल एक शराब कारोबारी सूबे के मुख्यमंत्री की साख से खेलने की सोच रहा है। उसे ये नहीं मालूम की आसमान पर थूकने की कोशिश हमेशा नाकाम ही नहीं होती बल्कि आसमान पर फेंका थूक,थूकने वाले के चेहरे पर ही गिरता है।

बहरहाल सोशल मीडिया में एक विवादित शराब कारोबारी का साक्षात्कार और उसके बकने का अंदाज चर्चा का विषय बन रहा है। दरअसल बिना प्रमाण के राज्य के आबकारी महकमे और सरकार पर आरोपों की झड़ी लगा रहा है। हालांकि माना जा रहा है कि विवादित व्यापारी ये तमाम आरोप इसलिए लगा रहा है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शराब की ओवर रेटिंग की शिकायते लगातार मिल रही हैं। जिस पर सीएम धामी ने एक्शन लेते हुए आबकारी महकमे को कड़े निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड: CM धामी ने हरिद्वार में किया प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का उद्घाटन, बताया ऐतिहासिक कदम

महकमे ने भी मिले निर्देशों का सख्ती से पालन किया जिसकी जद में सोशल मीडिया मे इंट्र्व्यू देने वाले शराब व्यापारी सबसे ज्यादा आए। आबकारी विभाग ने नियम काएदे का हंटर विवादित व्यापारी की शराब की दुकानों पर फटकारा जिससे जनाब आगबबूला हो उठे। अब मसला था कि वो अपनी भड़ास कहां निकाले. लिहाजा जनाब ने सोशल मीडिया का प्लेटफार्म चुना और तोहमतो की उल्टी करनी शुरू कर दी। आरोपा की उल्टी इसलिए कहा जा रहा है कि संजीदा तरीके से लगाए गए आरोपों में प्रमाण भी सामने रखना होता है। बिना प्रमाणों के तो बदनामी ही परोसनी होती है जो विवादित व्यापारी का मकसद दिख रहा है।

खबर है कि सीएम धामी के एक्शन के बाद आबकारी महकमे की जद में विवादित व्यापारी की दुकाने ही सबसे ज्यादा आई है। दरअसल विवादित व्यापारी जिसको मल्होत्रा साहब कहा जाता है वो सिडिकेट के तौर पर दून मे आठ दुकाने संचालित करता है और हर दुकान से ओवर रेटिंग की शिकायत आए दिन आबकारी महकमे को मिलती रहती है। जाहिर सी बात है कि जब महकमे के पास शिकायत आएगी तो महकमा कानूनी कार्यवाही करेगा ही। लेकिन मल्होत्रा नहीं चाहते कि उनके धंधे के खिलाफ कोई सरकारी एक्शन हो। वो जैसे चाहे वैसे अपना धंधा चलाते रहें लेकिन उन्हें ये नहीं मालूम कि उत्तराखंड में जंगल राज नहीं। जनता की चुनी हुई सरकार है जो कानून के हिसाब से ही कार्रवाई करेगी। बहरहाल सूत्रों की मानी जाए तो कुछ महकमे के विभीषण ही शराब कारोबारी को उकसा रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड के युवाओं को सौगात: देहरादून में शुरू हुआ IIM का निर्माण, उच्च शिक्षा को लगेंगे पंख

More in Uncategorized

Ad Ad Ad

Trending News

Follow Facebook Page