उत्तराखंड
अग्निपरीक्षा से कम नहीं चारधाम यात्रा, सीजन में एलपीजी और तेल आपूर्ति
मध्य एशिया में हालात सुधरने की गुजाइश नहीं दिख रही है। ईधन को लेकर वे सारे मुल्क परेशान है जिनके तेल गैस की आपूर्ति होर्मुज गलियारे से होकर गुजरती है । इस सबके बीच भारत के उत्तराखंड में चार धाम यात्रा का आगाज होने वाला है। अप्रैल माह के दूसरे पखवाड़े में श्रद्धालु अपने आस्था के धाम में सिर नवाने आएंगे। अधिकारिक रूप से 10 लाख से ज्यादा पंजीकरण चार धाम यात्रा के लिए हो चुके हैं। जबकि हालात ये हैं कि हरिद्वार से लेकर हर्षिल तक और केदारनाथ से लेकर ऋषिकेश तक एलपीजी को लेकर जनता हो या होटल कारोबारी सभी हलकान है। मेहमान आने वाले हैं उनके लिए दाल रोटी कैसे पकाई जाए इसकी चिंता सभी को खाए जा रही है।
सिर्फ चार धाम यात्रा ही नहीं, लाखों श्रद्धालुओं के साथ भारी तादाद में सैलानी भी उत्तराखंड की वादियों का रुख करेंगे। ऐसे में बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि क्या पेट्रोल पंपो पर ईधन और होटल में उनको रोटी सब्जी मिल पाएगी। ऐसे में देखना ये है कि सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है। घरेलू उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती है या होटल कारोबारियों के माथे पर शिकन की लकीरें उभरती हैं या फिर श्रद्धालाओं और सैलानियों की जेब पर असर पड़ता है। होगा क्या ये तो वक्त ही बताएगा फिलहाल हर कोई युद्ध रुकने की राह देख रहा है ताकि घर से लेकर बाजार तक चूल्हें बिना तकलीफ के सुलगते रहें और सब की यात्रा मंगलमय रहे।





