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दीपावली पर टूटे शराब बिक्री के सारे रिकॉर्ड, आबकारी विभाग पर हुई धन वर्षा, सरकारी खजाना भी हुआ मालामाल…

देहरादून, उत्तराखंड में इस बार दिवाली पर शराब के शौकीनों ने जमकर जाम छलकाया। पिछले 15 दिनों के भीतर राज्यभर में शराब की बिक्री ने नया रिकॉर्ड कायम किया है। आबकारी विभाग के आंकड़ों के अनुसार, केवल आधे महीने में ही शराब की बिक्री का आंकड़ा 367करोड़ रुपये से अधिक जा पहुंचा है। यह पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है, जिससे स्पष्ट होता है कि इस बार त्योहार के मौसम में “सुरूर” का असर कुछ ज्यादा ही रहा। आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से लेकर दिवाली के बाद तक शराब की खपत में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। प्रदेश में स्थित देहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी और उद्यमसिंह नगर जैसे प्रमुख शहरों में शराब दुकानों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। विभाग का कहना है कि यह वृद्धि केवल शराब की बिक्री तक सीमित नहीं रही, बल्कि बीयर, वाइन और प्रीमियम ब्रांड की मांग में भी अप्रत्याशित उछाल आया है।

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सरकार को मिला अतिरिक्त राजस्व शराब बिक्री से राज्य सरकार को इस अवधि में करोड़ों रुपये का राजस्व लाभ हुआ है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, सिर्फ देहरादून जिले में ही आबकारी राजस्व में पिछले साल की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, पहाड़ी जिलों में भी बिक्री का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। यह प्रवृत्ति बताती है कि त्योहारों के दौरान लोग अब ग्रामीण इलाकों में भी प्रीमियम ब्रांड की ओर रुझान दिखा रहे हैं। त्योहारों पर बढ़ती खपत का सामाजिक पहलू विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली जैसे त्योहारों पर लोगों में उत्सव का माहौल होने के कारण शराब की खपत बढ़ना स्वाभाविक है।आबकारी विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि शराब की बिक्री के साथ-साथ अवैध शराब और बिना लाइसेंस विक्रय पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। त्योहारों के दौरान कई स्थानों पर अभियान चलाकर नकली और अवैध शराब के मामलों में कार्रवाई भी की गई है।कुल मिलाकर, इस दिवाली उत्तराखंड में शराब की बिक्री ने न सिर्फ रिकॉर्ड तोड़ा, बल्कि सरकार के खजाने को भी भर दिया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस बढ़ती प्रवृत्ति के बीच जागरूकता और संयम की जरूरत पहले से कहीं अधिक है।

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