उत्तराखंड
लोहाघाट में मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी: CMO के नेतृत्व में एक क्लीनिक सीज, नशीली दवाओं पर सख्ती
चंपावत जिले में नशीली और मनःप्रभावी दवाओं के अवैध कारोबार को रोकने के लिए जिलाधिकारी मनीष कुमार के सख्त निर्देश पर विशेष अभियान तेज कर दिया गया है। मंगलवार को सीएमओ डॉ. देवेश चौहान के आदेश पर औषधि निरीक्षक हर्षिता के नेतृत्व में लोहाघाट नगर क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप और अन्य नशीली दवाओं की बिक्री पर नजर रखी गई। कुल 6 थोक व खुदरा मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया, जहां दवाओं के स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेखों की गहन जांच हुई। अधिकांश जगहों पर रिकॉर्ड संतोषजनक पाए गए। हालांकि, एक क्लीनिक में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उसे तत्काल सीज कर दिया गया और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
जन औषधि केंद्र पर बिना पर्ची दवा बेचने की शिकायत मिली थी, लेकिन वहां जांच में कोई कमी नहीं पाई गई। यह अभियान जन स्वास्थ्य की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि नशीली दवाओं का गलत इस्तेमाल युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेल रहा है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आगे भी ऐसी छापेमारी जारी रहेगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे न केवल अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा, बल्कि आम जनता को सुरक्षित दवाएं मिलेंगी। स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि जिले भर में ऐसी कार्रवाई हो। कुल मिलाकर, यह कदम चंपावत को नशा मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।
एक क्लीनिक सीज, फार्मासिस्टों को सख्त निर्देश
चंपावत जिले के लोहाघाट में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने को जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देश पर सीएमओ डॉ. देवेश चौहान की अगुवाई में सघन अभियान चलाया गया। औषधि निरीक्षक हर्षिता के नेतृत्व में मंगलवार को 6 थोक-खुदरा मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण हुआ। एक क्लीनिक में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं, जिसे सीज कर लाइसेंस निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी। जन औषधि केंद्र पर बिना पर्ची दवा बेचने की शिकायत की जांच में कोई कमी नहीं मिली। स्टोरों में सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता, रिकॉर्डिंग व्यवस्था और पंजीकृत फार्मासिस्ट की मौजूदगी का जायजा लिया गया। स्टॉक रजिस्टर व क्रय-विक्रय रिकॉर्ड अधिकांशतः संतोषजनक पाए गए। सभी संचालकों को चेतावनी दी गई कि बिना वैध डॉक्टरी पर्चे के कोडीन युक्त कफ सिरप, मनःप्रभावी या एंटीबायोटिक दवाएं न बेचें। हर बिक्री पर कैश मेमो या बिल देना अनिवार्य है।
नियम तोड़ने पर औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। अभियान का लक्ष्य युवाओं को नशे से बचाना है, जो निरंतर जारी रहेगा। इस दौरान कई स्टोर बंद दिखे। टीम में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी, तहसीलदार लोहाघाट, फार्मेसी अधिकारी नवीन कनौजिया, कांस्टेबल अशोक वर्मा शामिल रहे। यह कदम जन स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए सराहनीय है, जिससे अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और लोग सुरक्षित दवाएं खरीद सकेंगे। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है।





