उत्तराखंड
उत्तराखंड में धामी सरकार की पहल: जन-जन की सरकार,जन-जन के द्वार योजना हो रही फलीभूत
उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम जनता और शासन के मध्य सेतु के रुप में स्थापित हो रहा है। जहां स्वयं शासन ही जनता के द्वार पहुंच रहा है और इससे जनता का शासन और सरकार के प्रति विश्वास और भी मजबूत हो रहा है। इसी कड़ी में बीते मंगलवार को “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद नैनीताल के विकासखंड कोटाबाग के न्याय पंचायत बैलपड़ाव के सिंचाई डांक बंगला में बहुद्देशीय शिविर का आयोजन कर क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को सुना गया, साथ ही पात्र व्यक्तियों को केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
शिविर में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल द्वारा क्षेत्र की समस्याओं को सुना अधिकांस समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया..शिविर के माध्यम से क्षेत्रीय नागरिकों को राज्य एवं केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी प्रदान की गई तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से जोड़े जाने के साथ ही उनकी समस्याओं की सुनवाई कर त्वरित समाधान भी किया गया।शिविर में विभिन्न विभागों के द्वारा मौके पर विभागीय स्टाल लगाकर विभागीय योजनाओं व सेवाओं का लाभ प्रदान किया गया। मुख्य रूप से शिविर में सिंचाई, विद्युत, पेयजल,जल जीवन मिशन, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से रखा।
त्वरित समस्या निस्तारण में सार्थक सिद्ध धामी मॉडल
बहुद्देशीय शिविर में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे इसी उद्देश्य से बहुद्देशीय शिविरों के माध्यम से प्रशासन आज उनके द्वार पहुँचा है। वहीं शिविर में आए स्थानीय विधायक बंशीधर भगत ने बताया कि इस तरह के शिविर लगने से ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है।
शिविर में विभिन्न गांवों में। पेयजल की समस्या के साथ ही बैलपड़ाव सहित अन्य स्थानों में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों के साथ ही पेयजल की समस्या से शिविर में आए ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया गया, इस संबंध में जिलाधिकारी ने पेयजल निगम एवं जल संस्थान से आए अधिकारियों को पेयजल से संबंधित समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश दिए। वही ग्रामीण भगवान रोतेलां और निर्मला कांडपाल ने बताया कि उनकी गाव की कई समस्याएं थीं जिसका की आज शिविर में समाधान हुआ।





