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उत्तराखंड

रुद्रपुर में चौकी इंचार्ज द्वारा सिख युवक के साथ की गई अभद्रता और धार्मिक प्रतीकों का अपमान पर सिख समुदाय में रोष…

कानून हाथ में लेना अब उत्तराखंड पुलिस शौक बनता चला जा रहा। ताजा मामला रुद्रपुर का जहां पर एक सिख युवक के साथ जमकर मारपीट की गई जिसके बाद सिख समुदाय में गहरा रोष है। यूनाइटेड सिख फेडरेशन के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है और जांच में आरोप सिद्ध होते हैं, तो पुलिस को कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अधिकार है। हालांकि, पुलिस को निष्पक्ष रूप से और कानून के दायरे में रहकर ही कार्यवाही करनी चाहिए। संविधान किसी भी समुदाय पर अपमानजनक टिप्पणी करने या उनके धार्मिक प्रतीकों और चिन्हों का अनादर करने का अधिकार पुलिस को नहीं देता। रुद्रपुर निवासी सिख युवक, जिसके साथ अभद्रता की गई, कोई अपराधी नहीं था, बल्कि इसी देश का नागरिक है। यदि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ था, तो उस पर वाहन जब्त करने या अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती थी, लेकिन चौकी इंचार्ज द्वारा किया गया कृत्य सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने और प्रदेश में वैमनस्य फैलाने वाला प्रतीत हो रहा है, जिसका समर्थन किसी भी रूप में नहीं किया जा सकता।

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देश के बदलते माहौल में उधम सिंह नगर में सिख युवक के साथ हुई इस घटना ने उन लोगों को करारा जवाब दिया है जो लगातार सांप्रदायिक सोच को बढ़ावा दे रहे हैं, और वह सोच अब सरकारी तंत्र पर भी हावी होती दिख रही है, जो देश के हित में नहीं है।

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यूनाइटेड सिख फेडरेशन उधम सिंह नगर ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा से मांग की है कि दोषी चौकी इंचार्ज संदीप पिलख्वाल को तुरंत निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और एक उदाहरण स्थापित हो।।

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