उत्तराखंड
उत्तराखंड में मानसून का कहर: मसूरी में 135 मिमी बारिश, देहरादून और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश एक बार फिर आम जनता के लिए आफत बनकर बरस रही है। मंगलवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में दिनभर मूसलाधार बारिश दर्ज की गई। मसूरी, देहरादून, सोनप्रयाग, धारचूला, हरिपुर और कालसी में स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। मौसम विभाग ने आज देहरादून और बागेश्वर जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश में सबसे अधिक बारिश मसूरी में दर्ज की गई, जहां 135 मिमी वर्षा होने से सड़कों पर पानी भर गया। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, जिससे आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए विशेष रूप से सतर्क किया गया है।
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक बुधवार को देहरादून और बागेश्वर जिलों में अति तीव्र बारिश का दौर आ सकता है। विभाग ने बिजली चमकने और भारी से अति भारी वर्षा की चेतावनी दी है। राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा टीमों को मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने अन्य जिलों के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में यलो अलर्ट रहेगा। इन क्षेत्रों में तेज गर्जना और चमक के साथ बारिश के एक-दो तेज दौर आ सकते हैं।
लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के मुख्य शहरों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। देहरादून में अधिकतम तापमान 31.2 और न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। पंतनगर में पारा 32.0 और 27.0 डिग्री, मुक्तेश्वर में 20.9 और 16.3 डिग्री तथा नई टिहरी में अधिकतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस रहा।
मौसम विभाग और प्रशासन ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। इसके साथ ही पहाड़ी मार्गों पर यात्रा कर रहे पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे मौसम का सटीक अपडेट लेने के बाद ही सफर करें और अनावश्यक जोखिम उठाने से बचें।
पहाड़ों में मलबे के कारण सड़कें बंद होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। संवेदनशील इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत कार्य तुरंत शुरू हो सके। आमजन को भी नदी-नालों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है।




