Connect with us

उत्तराखंड

हरिद्वार नगर निगम घोटाले पर CM धामी का कड़ा रुख

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार नगर निगम मामले में हुई बड़ी कार्रवाई पर एक कड़ा बयान दिया है, जिसमें उन्होंने साफ कहा है कि भ्रष्टाचारियों की सही जगह सिर्फ जेल की सलाखों के पीछे है। मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार पहले दिन से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है और किसी भी सूरत में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हरिद्वार नगर निगम के पूर्व आयुक्त आईएएस वरुण चौधरी की बर्खास्तगी और पूर्व डीएम कमेंद्र सिंह के खिलाफ सख्त एक्शन की संतुति, सरकार की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। इससे पहले साल 2002-03 में तत्कालीन एनडी तिवारी सरकार के समय पटवारी भर्ती घोटाले में ऐसी ही बड़ी कार्रवाई हुई थी, जहां पौड़ी के तत्कालीन डीएम को बर्खास्त किया गया था।

यह भी पढ़ें 👉  कच्चा तेल सस्ता होने के बाद भी क्यों नहीं घट रहे पेट्रोल-डीजल के दाम ? जानिए वजह

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में कानून की तलवार से कोई नहीं बच सकता, चाहे वह IAS, PCS हो या IFS अधिकारी; कानून सभी के लिए बराबर है। इसके साथ ही, राज्य गठन के बाद पिछले 25 सालों में सतर्कता विभाग ने भ्रष्टाचार के मामलों में 339 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जिसमें से पिछले तीन वर्षों में ही 78 भ्रष्टाचारी पकड़े गए हैं।

यह भी पढ़ें 👉  CM पुष्कर सिंह धामी का सादगी भरा अंदाज, मां के साथ कृषि कार्यों में हाथ बंटाया

मुख्यमंत्री धामी ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले छोटे कार्मिकों पर कार्रवाई कर मामले की लीपापोती कर दी जाती थी, लेकिन उनकी सरकार में अब केवल छोटी मछलियों पर ही नहीं, बल्कि बड़े-बड़े मगरमच्छों के खिलाफ भी सख्त से सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि राज्यवासियों के हितों की रक्षा की जा सके।

Ad Ad Ad

More in उत्तराखंड

Ad Ad Ad

Trending News

Follow Facebook Page