उत्तराखंड
उत्तराखंड औद्योगिक विकास: पीसीबी बोर्ड बैठक में RO को 10 करोड़ तक मंजूरी, थर्ड पार्टी करेगी निरीक्षण
उत्तराखंड में औद्योगिक विकास को सुदृढ़ करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यानी (पीसीबी) ने उच्चस्तरीय बोर्ड बैठक कर अहम प्रस्ताव पर मुहर लगाई है। दरअसल, उत्तराखंड में अब नारंगी और हरी श्रेणी के उद्योग के स्थलीय निरीक्षण-सत्यापन कर रिपोर्ट देने का काम थर्ड पार्टी के माध्यम से हो सकेगा और अंत में PCB अनुमति प्रदान करेगा। इस प्रस्ताव के पारित होने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकार भी बढ़ चुके हैं, चूंकि पहले पांच करोड़ के उद्योग स्थापित करने की अनुमति दी जाती थी लेकिन अब इसे बढ़ा कर दस करोड़ कर दिया गया है। राज्य में पीसीबी के केवल चार क्षेत्रीय कार्यालय है। इसके अलावा कर्मचारियों की भी कमी है। ऐसे में कामकाज को बेहतर करने और उद्योगों की स्थापना के काम में तेजी लाने के लिए थर्ड पार्टी का सहयोग लेने का फैसला किया गया है।
थर्ड पार्टी सत्यापन से PCB प्रक्रिया सरल
उत्तराखंड में औद्योगित इकाइयों को दो भागों में बांटा गया है, जिसमें नारंगी यानी दवा निर्माण इकाई, होटल- रेस्त्रां आदि और हरी श्रेणी हल्की इंजीनियरिंग इकाई, इलेक्ट्रानिक सामान की असेंबली आदि शामिल हैं। इनकी स्थापना और संचालन के लिए स्थलीय निरीक्षण और सत्यापन का काम थर्ड पार्टी के माध्यम से हो सकेगा। इसके लिए पीसीबी की बोर्ड बैठक में फैसला लिया गया है। इसके तहत पीसीबी आईआईटी कानपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट आफ पेट्रोलियम देहरादून, पंत विश्वविद्यालय पंतनगर, आईआईटी रुड़की और आईआईटी दिल्ली से सहयोग लेगा। इन संबंधित संस्थाओं के विशेषज्ञ इकाईयों का निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट देंगे। इसके बाद एनओसी पीसीबी के माध्यम से जारी हो सकेगी।
उत्तराखंड में पीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालयों (आरओ) को अब 10 करोड़ तक की हरित श्रेणी वाली औद्योगिक इकाइयों की स्थापना व संचालन की अनुमति देने का अधिकार मिल गया है, पहले यह सीमा 5 करोड़ थी और अधिक राशि के लिए मुख्यालय जाना पड़ता था। स्टोन क्रशर, स्क्रीनिंग प्लांट, इंडक्शन फर्नेस व रेलिंग जैसी इकाइयों की अनुमति मुख्यालय से ही जारी होगी। पीसीबी अध्यक्ष आरके सुधांशु ने बताया कि कुछ औद्योगिक इकाइयों के स्थलीय निरीक्षण थर्ड पार्टी से कराए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया तेज होगी।





