Connect with us

उत्तराखंड

NPPA का बड़ा फैसला: किल्लत से बचाने के लिए बढ़ाई गईं 8 प्रमुख दवाओं और टीकों की कीमतें

देहरादून। देश में कैंसर और टिटनेस जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज अब और महंगा हो गया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण ने दवाओं की घटती उपलब्धता और कंपनियों के घाटे का हवाला देते हुए कई जीवनरक्षक दवाओं की सीलिंग प्राइस में एकमुश्त 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले से कैंसर की शुरुआती कीमोथेरेपी में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शनों और बच्चों के टीकाकरण का खर्च सीधे तौर पर बढ़ जाएगा।

NPPA ने स्पष्ट किया है कि इस कदम का मकसद दवाओं को महंगा करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को ये जीवनरक्षक दवाएं बाजार में बिना किसी किल्लत के लगातार मिलती रहें। दवा निर्माता कंपनियों ने प्राधिकरण के समक्ष पक्ष रखा था कि कच्चे माल के दाम बढ़ने से इन दवाओं का निर्माण घाटे का सौदा बन गया था, जिसके बाद सार्वजनिक हित में यह कड़ा फैसला लिया गया।

यह भी पढ़ें 👉  रेलवे यात्रियों के हक में सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, बिना टिकट मौत पर भी मिलेगा पूरा मुआवजा

इस मूल्य वृद्धि का सबसे बड़ा असर कैंसर मरीजों पर पड़ेगा। कैंसर के इलाज में बहुतायत से इस्तेमाल होने वाले कार्बोप्लेटिन इंजेक्शन की कीमत 60.49 रुपये प्रति एमएल से बढ़ाकर अब 90.74 रुपये प्रति एमएल कर दी गई है। वहीं, एक अन्य महत्वपूर्ण कीमोथेरेपी दवा सिस्प्लेटिन इंजेक्शन का दाम भी 7.26 रुपये से बढ़कर 10.89 रुपये प्रति एमएल हो गया है।

टिटनेस के आपातकालीन इलाज में इस्तेमाल होने वाले इम्यूनोग्लोबुलिन इंजेक्शन भी महंगे हो गए हैं। एंटी-टिटनेस इम्यूनोग्लोबुलिन 250 IU की वायल अब 1,274.68 रुपये की जगह 1,912.02 रुपये में मिलेगी। इसके अलावा अधिक खुराक वाले एंटी-टिटनेस इम्यूनोग्लोबुलिन 500 IU की कीमत को 1,920.79 रुपये से बढ़ाकर 2,881.19 रुपये प्रति वायल कर दिया गया है। दवाओं के साथ-साथ तीन प्रमुख राष्ट्रीय टीकों के दामों में भी संशोधन हुआ है। नवजात शिशुओं को लगने वाली बीसीजी वैक्सीन की कीमत 8.20 रुपये से बढ़कर 9.89 रुपये प्रति डोज हो गई है।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड बजट 1 लाख करोड़ के पार, CM धामी ने गिनाईं सरकार की बड़ी आर्थिक उपलब्धियां

वहीं, खसरा और रूबेला से बचाव वाली मीजल्स-रूबेला वैक्सीन की कीमत 72.90 रुपये से बढ़ाकर 87.93 रुपये प्रति 0.5 ml वायल और मीजल्स वैक्सीन की कीमत 51.40 रुपये से बढ़ाकर 62.00 रुपये कर दी गई है। प्राधिकरण ने दवा कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि इस मूल्य वृद्धि की छह महीने बाद दोबारा समीक्षा की जाएगी ताकि बाजार में दवाओं की आपूर्ति और कीमतों का पुनर्मूल्यांकन किया जा सके।

Ad Ad Ad

More in उत्तराखंड

Ad Ad Ad

Trending News

Follow Facebook Page