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उत्तराखंड

उत्तराखंड के युवाओं में सिंथेटिक ड्रग्स का बढ़ता चलन… CM धामी के निर्देश पर पुलिस अलर्ट

उत्तराखंड को ड्रग फ्री बनाने के लिए बीते समय पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार ड्रग फ्री देवभूमि अभियान की शुरुआत की गई थी, इस कड़ी में उत्तराखंड पुलिस को नशाखोरी पर लगाम लगाने और नशे की सप्लाई करने वाले आरोपियों को जेल की सालाखों के पीछे पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए गए थे। वहीं आदेशों के अनुपालन में पुलिस प्रशासन ने बीत कुछ सालों में कई ऐसे लोगों की गिरफ्तारी भी करी जो देवभूमि को ड्रग का गढ़ बनाने का काम कर रहे थे। मगर मौजूदा समय में पुलिस प्रशासन के लिए देवभूमि को ड्रग फ्री बनाना और भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो चुका है, क्योंकि प्रदेश में बीते कुछ समय से सिंथेटिक ड्रग्स का चलन बढ़ने लगा है जिसका असर युवाओं पर साफ देखा भी जा रहा है।

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ड्रग का गढ़ बन रहा उत्तराखंड


STF के SSP नवनीत भुल्लर में जानकारी देते हुए बताया कि सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाई को रोकने के लिए उत्तराखंड में एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स की एक यूनिटस अपनी पैनी नजरस बनाए हुए है। साथ ही इस तरह के ड्रग्स डार्क वेब या डार्क नेट से भी सप्लाई किए जाते हैं जिस पर निगरानी रखने के लिए साइबर की एक विशेष टीम बनायी गई है। लेकिन पुलिस प्रशासन के लिए मात्र सिंथेटिक ड्रग्स की सप्लाइ को रोकना ही चुनौती नहीं है बल्कि चिंता का विषय यह है कि उत्तराखंड ड्रग सप्लाई का गढ़ बनता जा रहा है। हाल में ही पिथौरागढ़ में एक ऐसी लैब पर STF द्वारा छापेमारी की गई थी जहां इस तरह के ड्रग्स बनाए जाते हैं। आपको बताते चलें कि सिंथेटिक ड्रग्स लैब में कैमिकल को मिलाकर बनाएं जाते हैं और फिलहाल इस तरह के ड्रग्स का बढ़ता चलन प्रदेश के लिए एक बड़ी चिंता का सबब बन कर उभर रहा है।

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