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जांच की आंच!पालिका अध्यक्ष पुल पर चढ़े और सभासद कॉलेज की छत पर
बुधवार आठ अप्रैल 2026 की सुबह उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ में कुछ ऐसा हुआ कि आम लोगों के मोबाइल कैमरे वीडियो बनाने लग गए और मामला सोशल मीडिया से लेकर ट्रेडिशनल मीडिया की सुर्खियां बन गया। आसमान से झमाझम बारिश होने के बावजूद चिन्यालीसौड़ नगरपालिका के अध्यक्ष तमतमाते हुए आर्च पुल के ऊपर चढ़ गए और सभासद गुस्साए हुए महाविद्यालय की छत के ऊपर चढ गए। आम लोगों की समझ में नहीं आया ये तामाशा है तो क्यो है। जितने मुंह उतनी बातें लेकिन असल बात थी भ्रष्टाचार की । सभासद पालिका अध्यक्ष पर आरोप लगा रहे थे तो ईओ को हटाने की मांग कर रहे थे। हालांकि कई दिनो से नगरपालिका चिन्यालीसौड़ का टैंपरेचर बेकाबू था। जिसे नॉर्मल करने की कोशिशें जारी थी लेकिन स्थानीय सियासत के दो दिग्गज अपने मन की करने के चलते जान देने की धमकी पर अड़ गए जिसके चलते शासन का चैन छिन गया।
चिन्यालीसौड़ नगरपालिका में राई पहाड़ बन गई। नगर मे बिना अनुमति के लगे पोस्टर्स हटाने की कार्रवाई से शुरू हुआ मामला भ्रष्टाचार की जांच तक पहुंच गया। चिंगारी आग बन गई। पालिका अध्यक्ष ईओ को मुख्यालय अटैच करने से नाराज थे और सभासद अपनी इस जीत से खुश थे। हालांकि भ्रष्टाचार के आरोप की जांच के लिए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम बना दी। एसडीएम डुंडा को जांच टीम के साथ वित्तीय अनियमितताओं की जांच करनी थी। बस जिलाधिकारी के इस आदेश से ही पालिकाध्यक्ष मनोज कोहली खफा हो गए और आर्च पुल पर चढ़ कर दबाव बनाने की कोशिश करने लगे। जिससे नाराज सभासद सिद्धार्थ नौटियाल ने भी महाविद्लाय की छत की राह पकड़ ली। यानि पालिकाअध्यक्ष ने भी जान देने की जिद पकड़ी तो पार्षद ने भी जान देने पर अड़ गए। बहरहाल असल सवाल ये है कि जिम्मेदार अगर बचकानी हरकत करेंगे तो जिम्मेदारी का बोझ किसके कांधे पर रखा जाएगा।





