उत्तराखंड
उत्तराखंड बजट 2026 में देहरादून को बड़ी सौगात: ₹6252 करोड़ की लागत से रिस्पना-बिंदल प्रोजेक्ट को मिली हरी झंडी
गैरसैंण में चल रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र से देहरादून को बड़ी सौगात मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने महत्वाकांक्षी रिस्पना–बिंदल एलिवेटेड रोड परियोजना को रफ्तार देने के लिए बजट में यूटिलिटी शिफ्टिंग के मद में करीब 350 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। देहरादून को वर्षों से जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में इस एलिवेटेड रोड के बनने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। सरकार का दावा है कि परियोजना पूरी होने के बाद दूनवासियों को रोज लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी और शहर की कनेक्टिविटी पहले से कहीं ज्यादा बेहतर होगी।
परियोजना की तकनीकी और पर्यावरणीय स्टडी पूरी हो चुकी है, वहीं प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। रिस्पना पुल से नागल पुल और हरिद्वार बाईपास स्थित बिंदल पुल से मालसी तक प्रस्तावित फोरलेन एलिवेटेड रोड को लेकर सामाजिक प्रभाव आकलन रिपोर्ट भी सार्वजनिक कर दी गई है। इस परियोजना के लिए रिस्पना क्षेत्र में करीब 5.5 हेक्टेयर और बिंदल क्षेत्र में 13 हेक्टेयर से अधिक भूमि की आवश्यकता होगी। प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए प्रशासन की ओर से अलग से भूमि चिन्हित की जा रही है और करीब 2600 से अधिक घर और निर्माण इस परियोजना के दायरे में चिन्हित किए गए हैं।
करीब 6252 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना देहरादून की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में से एक होगी। इसके तहत बिंदल एलिवेटेड रोड कारगी चौक हरिद्वार बाईपास से राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर तक लगभग 14.8 किलोमीटर लंबी बनेगी, जबकि रिस्पना एलिवेटेड रोड विधानसभा के पास रिस्पना पुल से नागल पुल तक करीब 10.95 किलोमीटर लंबी होगी।
करीब 20 मीटर चौड़ी और 60 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली इस एलिवेटेड रोड से लाल पुल, कचहरी रोड, सहस्त्रधारा चौक और आईटी पार्क जैसे प्रमुख जंक्शनों को आपस में जोड़ा जाएगा। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी। सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में यह परियोजना देहरादून के विकास को नई दिशा देगी। रिस्पना–बिंदल एलिवेटेड रोड के बनने से दून को जाम से राहत मिलेगी, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और देहरादून को स्मार्ट सिटी के रूप में नई पहचान मिलेगी।





