उत्तराखंड
कांवड़ यात्रा: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से रुड़की डिपो की बसें शुरू, समय की होगी बचत
देहरादून। कांवड़ यात्रा के दौरान इस बार दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे रुड़की से दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसों के लिए बड़ा सहारा साबित हुआ है। उत्तराखंड परिवहन निगम द्वारा बसों को एक्सप्रेस-वे से चलाने के फैसले से यात्रियों का सफर सुगम हो गया है। इस नई व्यवस्था से जहां यात्रियों को कम समय में दिल्ली पहुंचने की सुविधा मिली है, वहीं रुड़की डिपो प्रबंधन को भी कांवड़ यात्रा के दौरान राजस्व घटने की चिंता से राहत मिली है।
कांवड़ यात्रा शुरू होते ही हर साल दिल्ली मार्ग पर बसों का संचालन बुरी तरह प्रभावित होता था, जिससे यात्रियों को भारी फजीहत झेलनी पड़ती थी। वर्तमान में रुड़की डिपो से रोजाना 12 से अधिक बसें दिल्ली रूट पर चलाई जा रही हैं। पहले यह बसें एपीजे अब्दुल कलाम चौक से मंगलौर और नारसन होते हुए दिल्ली जाती थीं, लेकिन कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम ने इनका रूट बदल दिया है।
शिवभक्तों की आवाजाही बढ़ने के बाद बसों को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे से डायवर्ट किया गया है। नए रूट से यात्रा करने पर हालांकि दूरी करीब 17 किलोमीटर बढ़ गई है और यात्रियों को 35 रुपये अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है, लेकिन समय की भारी बचत हो रही है। अब रुड़की से दिल्ली का सफर मात्र तीन से साढ़े तीन घंटे में पूरा हो रहा है।
पुराने निर्धारित मार्ग से दिल्ली पहुंचने में पहले चार घंटे से अधिक का समय लगता था। इसके अलावा कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्जन के कारण बसों को अक्सर लंबे और वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाता था, जिससे कई-कई घंटे का विलंब होता था। एक्सप्रेस-वे का विकल्प मिलने से यात्रियों को अनिश्चितता से राहत मिली है और बसों का शेड्यूल भी पटरी पर आ गया है।
कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली और हरिद्वार रूट पर बसें न चलने से डिपो की दैनिक आय का ग्राफ काफी गिर जाता था। डायवर्जन और जाम में बसें फंसने के कारण फेरे कम हो पाते थे। इस बार एक्सप्रेस-वे से बसों के संचालन का फैसला डिपो की वित्तीय सेहत सुधारने में मुफीद साबित हो रहा है।
रुड़की डिपो पिछले करीब एक महीने से यात्रियों की कमी से जूझ रहा था। ऐसे में कांवड़ यात्रा शुरू होने पर डिपो प्रबंधन की चिंता बढ़ गई थी कि यदि पुरानी व्यवस्था लागू रहती तो आय में भारी गिरावट आती। हालांकि, नए एक्सप्रेस-वे से दिल्ली जाने वाली बसों के सुचारू संचालन ने डिपो प्रबंधन की इस बड़ी चिंता को दूर कर दिया है।
दिल्ली रूट पर व्यवस्था सुधरने के बावजूद हरिद्वार जाने वाली बसों के संचालन को लेकर चुनौती बरकरार है। डिपो प्रबंधन के अनुसार, आने वाले दिनों में कांवड़ यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए हरिद्वार रूट की बसों का भी डायवर्जन किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए एक्सप्रेस-वे का सफर काफी आरामदायक और समय बचाने वाला साबित हो रहा है।




