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उत्तराखंड

रक्षा अलंकरण समारोह 2026: देश के वीरों को मिले कीर्ति, वीर और शौर्य चक्र

देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले जांबाज जवानों के अदम्य साहस को सलाम करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित ‘रक्षा अलंकरण समारोह-2026’ के दौरान सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस जवानों को कुल 51 वीरता पुरस्कार प्रदान किए।

कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस, अटूट वीरता और उत्कृष्ट कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले इन वीर जवानों को कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र से नवाजा गया, जिनमें से छह जांबाज जवानों को यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया। इस गरिमामयी समारोह में राष्ट्रपति ने वीर जवानों को खुद मेडल पहनाकर सम्मानित किया, जिसकी भव्य तस्वीरें देश के गौरव को दर्शाती हैं।

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पुरस्कार विजेताओं की सूची में 34 राष्ट्रीय राइफल्स के लांस नायक मीनाक्षी सुंदरम ए, पैरा फोर्सेज के नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, असम राइफल्स के मेजर अर्शदीप सिंह, वायुसेना के एयर कमोडोर प्रशांत बालकृष्णन नायर और पैरा के कैप्टन एल साइलो प्रमुख रूप से शामिल हैं, जिन्हें उनकी अनुकरणीय वीरता के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।

वहीं, वीर चक्र हासिल करने वाले वीरों में सेना के कर्नल कोशांक लांबा और वायुसेना के ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, मनीष अरोड़ा, अनिमेष पतनी व कुणाल कालरा शामिल हैं। इसके साथ ही देश के विभिन्न हिस्सों में आतंकियों और दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाले 29 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया।

इन्हीं जांबाज नायकों में से एक राष्ट्रीय राइफल्स की कुमाऊं रेजीमेंट की 50वीं बटालियन के मेजर भार्गव कलिता को आतंकवाद विरोधी अभियान में उनके असाधारण पराक्रम और अनुकरणीय नेतृत्व के लिए शौर्य चक्र प्रदान किया गया। 2 दिसंबर, 2024 को मिली एक खुफिया सूचना के आधार पर मेजर कलिता ने अपनी टीम के साथ मिलकर कट्टर आतंकियों के खिलाफ एक सटीक घात लगाकर हमला किया था।

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7 निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले खूंखार आतंकी की ओर से की जा रही अंधाधुंध गोलीबारी के बीच, अपनी जान की परवाह न करते हुए मेजर कलिता बिना डरे रेंगते हुए उसके बिल्कुल पास पहुंचे और उसे मार गिराया। राष्ट्र इन सभी 51 वीर सपूतों के शौर्य, बलिदान और अदम्य साहस को नमन करता है, जिन्होंने अपनी वीरता से देश का मस्तक हमेशा ऊंचा रखा है।

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