उत्तराखण्ड
चार्ज संभालते ही एक्शन में IAS डॉ. आशीष चौहान, जनता के लिए शुरू होगा ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम
राजधानी देहरादून के नए जिलाधिकारी के रूप में कार्यभार संभालते ही आईएएस डॉ. आशीष चौहान पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। सोमवार को अपना पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने कोषागार का औचक निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इसके बाद कलेक्ट्रेट परिसर के ऋषिपर्ण सभागार में आयोजित अपने पहले ‘जनता मिलन’ कार्यक्रम में उन्होंने आम जनता की समस्याओं को सुना।
जनता की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए डीएम ने जिला स्तर पर एक अत्याधुनिक ‘ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम’ विकसित करने के कड़े निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि आमजन की शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग होना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी नागरिक को अपनी एक ही समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि जनता की शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण भी सुनिश्चित हो सकेगा। उनके पहले जनता मिलन कार्यक्रम में भूमि विवाद, कर्ज माफी और अतिक्रमण से जुड़ी कुल 115 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
आपदा से बंद होने वाले रास्तों पर मांगी रिपोर्ट
जनसुनवाई के दौरान जजरैड़ क्षेत्र के ग्रामीण अपनी बड़ी समस्या लेकर डीएम से मिलने पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि हर साल आपदा और मानसूनी बारिश के दौरान उनके इलाके के रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं, जिससे क्षेत्र का संपर्क कट जाता है। इस वजह से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में भारी असुविधा और जान का जोखिम बना रहता है। उन्होंने शिकायत की कि पूर्व में कई बार गुहार लगाने के बाद भी धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हो सका है।
इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम डॉ. आशीष चौहान ने तुरंत शासन स्तर से इसकी जानकारी जुटाई, जहां से पता चला कि इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए करीब 48 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की जा चुकी है। डीएम ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि इस पर जल्द काम शुरू कराया जाएगा, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
कर्ज के संकट में फंसे पीड़ित की करी मदद
जनता मिलन में सहसपुर के निवासी मोहन कश्यप ने एक भावुक प्रार्थना पत्र सौंपकर अपने मकान की नीलामी रुकवाने और ऋण माफी की गुहार लगाई। पीड़ित ने बताया कि वर्ष 2023 में उन्होंने एक फाइनेंस कंपनी से 40 लाख रुपये का होम लोन लिया था और वर्ष 2025 तक इसकी सभी किस्तें नियमित रूप से चुकाई थीं। लेकिन इसके बाद मां के असमय निधन और व्यापार में हुए भारी घाटे के कारण वे अचानक गहरे आर्थिक संकट में फंस गए, जिसके चलते किस्तें रुक गईं।
अब फाइनेंस कंपनी ने उनके मकान की नीलामी का विज्ञापन जारी कर दिया है। इस मानवीय मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने तुरंत मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इसके साथ ही टुनवाला की निवासी मंजू बिष्ट ने भी शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोग उनकी निजी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से बुलडोजर चलाकर तारबाड़ तोड़ रहे हैं और सीमांकन को क्षतिग्रस्त कर रहे हैं, जिस पर डीएम ने एसडीएम सदर को निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए SSP से मुलाकात
प्रशासनिक कार्यों को गति देने के साथ-साथ जिले की कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की कवायद भी शुरू हो गई है। रविवार को देहरादून के एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल ने नए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान से शिष्टाचार भेंट की और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस बैठक के दौरान दोनों शीर्ष अधिकारियों के बीच जनपद की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर एक विस्तृत और महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
बैठक में शहर के भीतर शांति व्यवस्था को हर हाल में बनाए रखने, यातायात प्रबंधन को अधिक मजबूत और सुगम करने तथा अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण लगाने के लिए पुलिस और सिविल प्रशासन के बीच आपसी समन्वय को और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया।




