उत्तराखंड
….तो उत्तराखंड में भी बंग्लादेशी घुसपैठिए!
बंगलादेशी घुसपैठियों का मसला बेशक आसम त्रिपुरा और बंगाल के लिए चुनावी मुद्दा है। मगर इधर उत्तराखंड बंगलादेशियों की घुसपैठ अब महज खबर नहीं हकीकत बन गई है।हालांकि सूबे की पुलिस चौकस निगेहबानी कर रही है लेकिन तय है अगर जरा सा चूक हुई तो देवभूमि की डेमोग्राफी भी तहस नहस हो सकती है।
हरिद्वार पुलिस को ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़ी कामयाबी मिली है। हरिद्वार पुलिस के हाथ एक बंगलादेशी महिला के गिरेबान तक पहुंचे है। पुलिस ने आरोपी महिला को ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। महिला लंबे समय से अपनी पहचान छुपाकर हरिद्वार में रह रही थी।
महिला के पास पहचान के जो दस्तावेज बरामद हुए हैं वे सभी फर्जी पाए गए हैं। हालांकि महिला के पास बंगलादेश का पासपोर्ट भी मिला है। बाकी सभी भारतीय दस्तावेज फर्जी बनाए गए हैं। महिला के मुताबिक सभी दस्तावेज भारत में दाखिल होने के बाद अपने सहयोगी की मदद से तैयार करवाए हैं । पुलिस ने आरोपी महिला के सहयोगी छत्तीसगढ निवासी को भी हिरासत में लिया है। आरोपी महिला ने पूछताछ के दौरान अपना असली नाम नाम सहेला बेगम बताया। हालांकि पुलिस ने दोनो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
बहरहाल असल सवाल है कि आखिर वो कमजोर कड़ी कौन सी है और कहां पर है जिसकी वजह से मुल्क की डेमोग्राफी तहस नहस हो रही है और परदेशी बेधड़क होकर सीमा पार कर रहे हैं। जाहिर सी बात है कहीं न कहीं कुछ तो है जिसे बेपर्दा होना चाहिए ताकि मुल्क महफूज रह सके।





