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उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2026: मुख्य सचिव के सख्त निर्देश, ट्रैफिक जाम रोकने को होल्डिंग एरिया जरूरी

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में चारधाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त रखने के लिए चिकित्सकों की तैनाती 15-15 दिनों के रोटेशन आधार पर की जाए। यात्रा मार्ग पर यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए विशेष स्क्रीनिंग पॉइंट्स बनाए जाएंगे। साथ ही, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस विभाग को जाम वाले संवेदनशील स्थलों को चिन्हित कर वहां अतिरिक्त बल तैनात करने के आदेश दिए गए हैं।

यात्रियों के लिए ठहरने और खाने की व्यवस्था

मुख्य सचिव ने कहा कि भूस्खलन या भारी ट्रैफिक के कारण मार्ग बाधित होने की स्थिति में यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए बड़े ‘होल्डिंग एरिया’ चिन्हित किए जाएं। इन स्थानों पर यात्रियों के रुकने और भोजन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, आपदा प्रबंधन विभाग को यात्रा मार्ग पर समय-समय पर मैसेजिंग अलर्ट के जरिए यात्रियों को अपडेट रखने को कहा गया है।

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सड़क सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं

यात्रा शुरू होने से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग, BRO और लोक निर्माण विभाग (PWD) को अपने-अपने क्षेत्रों की सड़कों को पूरी तरह दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि यात्रा मार्गों पर अनिवार्य रूप से साइन बोर्ड (साइनज) लगाए जाएं और बदरीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। इसके अलावा, यात्रा के दौरान रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और केरोसीन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

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प्रशासनिक और तकनीकी दिशा-निर्देश

प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि फिटनेस प्रमाणपत्र, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज समय पर जारी किए जाएं ताकि तीर्थयात्रियों को देरी न हो। भूस्खलन संभावित क्षेत्रों (Landslide Zones) का उपचार करने के साथ-साथ वहां भारी मशीनें तैनात रखने को कहा गया है ताकि रास्ता बंद होने पर उसे तुरंत खोला जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम और डीजीपी दीपम सेठ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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