उत्तराखंड
फ्री में फ्रिज,साल में तीन LPG सिलेंडर और भी बहुत कुछ मिलेगा..
गरमियां आ ही चुकी हैं लिहाजा प्यासे गले को तर करने के लिए सभी को ठंडे पानी की दरकार है। इस बात को कोई समझा हो या न समझा हो लेकिन तमिलनाडू में अन्नाद्रमुक समझ गई है। चुनावी घड़ी में अन्नाद्रुमक ने विधानसभा चुनाव के लिए अपना जो चुनावी घोषणापत्र जारी किया है, उसमे वादा किया गया है कि, अगर अन्नाद्रुमुक सत्ता में आई तो सभी चावल राशनकार्ड धारकों को मुफ्त में रेफ्रिजेटर दिया जाएगा। इसके साथ हर महीने एक किलो दाल और एक लीटर खाद्य तेल भी मुफ्त वितरित किया जाएगा। वहीं महिलाओं को हर महीने दो हजार रूपए भी दिए जाएंगे इतना ही नहीं साल में तीन एलपीजी सिलेंडर भी मुफ्त में रिफिल किए जाएंगे। इतना ही नही कामकाजी महिलाओं को दोपहिया वाहन खरीदने के लिए सब्सिडी भी दी जाएगी।
वहीं सभी परिवारों को दस हजार रूपए की आर्थिक मदद भी दी जाएगी। जी हां इसके और भी बहुत कुछ देने का वायदा किया गया है। अन्नाद्रुमुक महासचिव एडप्पादी के.पलानीस्वामी ने जारी घोषणा पत्र में 297 वायदे किए हैं जिनमें तकरीबन सभी जनता को लुभाने वाले हैं। हालांकि देखा जाए तो अन्नाद्रुमक के सभी वायदे पहली नजर में लोककल्याणकारी दिखाई देते हैं। तय है कि जब लोकतंत्र में सरकार जनता से टैक्स वसूलती है तो उसे बेहतर जीवनशैली देना भी उसकी प्राथमिकता में होना चाहिए। लिहाजा इस एंगल से देखा जाए तो अन्नाद्रुमक की आलोचना नहीं की जा सकती लेकिन दूसरी ओर से देखा जाए तो अन्नाद्रुमक के वादे सरकार पर बड़े आर्थिक बोझ साबित हो सकते हैं। ऐसे में देखना ये दिलचस्प होगा कि अन्नाद्रमुक के फ्री में फ्रीज वाले घोषणापत्र को जनता चुनाव के दौरान कैसे लेती है। उसके वादे पर यकीन करती है या हल्के में लेती है। वहीं अन्नाद्रुमक की विपक्षी पार्टियां इसका क्या तोड़ निकालती हैं।
बहरहाल चुनावी घड़ी में जारी अन्नाद्रमुक का घोषणापत्र पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। तय है कि अगर फ्री के फ्रीज ने अन्नाद्रमुक को तमिलनाडू को सत्ता तक पहुंचाया तो देश भर में सियासी पार्टियां चुनाव के लिए अन्नाद्रमुक के बनाए इस रास्ते पर जा सकती है। होगा क्या ये तो वक्त ही बताएगा फिलहाल फ्री के फ्रीज की चर्चा जारी है।





