Connect with us

उत्तराखंड

Uttarakhand: सभी बांधों का होगा सुरक्षा ऑडिट, केंद्र और राज्य सरकार का बड़ा फैसला

देहरादून। उत्तराखंड की नदियों पर बने सभी छोटे-बड़े बांधों की सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार को देहरादून स्थित यूजेवीएन लिमिटेड मुख्यालय में जल शक्ति मंत्रालय की उच्च स्तरीय राष्ट्रीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य के सभी बांधों का व्यापक सुरक्षा ऑडिट कराने का फैसला लिया गया।

इस राष्ट्रीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के सदस्य प्रमोद नारायण ने की। बैठक में बांध सुरक्षा अधिनियम के कानूनी प्रावधानों को धरातल पर उतारने और उनके कड़े अनुपालन को लेकर प्रशासनिक और तकनीकी खाका तैयार किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड बुग्यालों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: नाइट स्टे और पर्यटकों की संख्या सीमा खत्म

यूजेवीएनएल के निदेशक जी. एस. बुदियाल ने बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में बांधों का ढांचागत मूल्यांकन और जोखिम आकलन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इसके साथ ही किसी भी विपरीत स्थिति से निपटने के लिए आपातकालीन कार्ययोजना की नए सिरे से समीक्षा होगी।

समीक्षा के दौरान देश भर में बांधों की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के उपायों पर गहन चर्चा हुई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बांधों की उम्र और जलभराव क्षमता को देखते हुए सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन बेहद जरूरी है।

यह भी पढ़ें 👉  Uttarakhand Weather Update: 8 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट, सतर्क रहने की सलाह

बैठक में उत्तराखंड के संवेदनशील पहाड़ी भूगोल को ध्यान में रखते हुए यहां बने सभी बांधों की संरचनात्मक स्थिति पर विशेष मंथन किया गया। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि नियमित जांच और आधुनिक मानकों के अनुरूप इमरजेंसी प्लान बनाकर ही निचले तटीय इलाकों को सुरक्षित रखा जा सकता है।

आगामी दिनों में आबकारी और जल शक्ति मंत्रालय की देखरेख में विशेषज्ञ टीमों द्वारा चरणबद्ध तरीके से बांधों का भौतिक और तकनीकी ऑडिट शुरू किया जाएगा। इस ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर बांधों के रखरखाव और सुरक्षा तंत्र में जरूरी सुधार किए जाएंगे।

Ad Ad Ad

More in उत्तराखंड

Ad Ad Ad

Trending News

Follow Facebook Page