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उत्तराखंड

क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी पर रिजर्व बैंक का ऐतिहासिक फैसला, 5 दिन में वापस मिलेगी रकम

डिजिटल लेनदेन में ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने और उनकी जवाबदेही को सीमित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है. आरबीआई द्वारा जारी संशोधित नियमों के अनुसार, यदि किसी ग्राहक के साथ क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी होती है, तो संबंधित बैंक को शिकायत मिलने के पांच दिन के भीतर पीड़ित के खाते में ‘शैडो रिवर्सल’ के तहत रकम अस्थायी रूप से हस्तांतरित करनी होगी।

यह नई व्यवस्था 1 जनवरी, 2027 से पूरी तरह लागू कर दी जाएगी. इस नियम के तहत बैंक जो राशि अस्थायी रूप से ग्राहक के खाते में भेजेगा, उसका इस्तेमाल जांच पूरी होने तक नहीं किया जा सकेगा। नए नियमों के मुताबिक, धोखाधड़ी के कारण 50 हजार रुपये तक का नुकसान होने पर पीड़ित को नुकसान की रकम का 85% या 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में दिया जाएगा।

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यदि नुकसान 29,412 रुपये से कम का है, तो इसका 65% रिजर्व बैंक, 10% ग्राहक का बैंक और शेष हिस्सा लाभार्थी बैंक द्वारा वहन किया जाएगा. इसके अलावा, बैंकों को 500 रुपये से अधिक के सभी ई-लेनदेन के लिए ग्राहकों को एसएमएस (SMS) के जरिए अनिवार्य रूप से अलर्ट भेजना होगा।

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केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई ग्राहक धोखाधड़ी वाले लेनदेन की रिपोर्ट घटना के पांच दिनों के भीतर करता है, तो वह पूरी राशि वापस पाने का हकदार होगा. हालांकि, यदि तीसरे पक्ष की सेंधमारी की रिपोर्ट पांच दिनों के बाद की जाती है, तो ग्राहक की जवाबदेही संबंधित बैंक की अपनी आंतरिक नीति के अनुसार तय की जाएगी।

आरबीआई का यह कदम देश में बढ़ते साइबर वित्तीय अपराधों पर लगाम लगाने और बैंकिंग प्रणाली पर आम जनता का भरोसा मजबूत करने में बेहद मददगार साबित होगा।

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