उत्तराखंड
राजधानी की कानून व्यवस्था पर उठे सवाल: कांग्रेसियों का देहरादून में जोरदार प्रदर्शन,पुलिस मुख्यालय का घेराव
उत्तराखंड में लगातार डगमगाती कानून व्यवस्था को लेकर अब पूरा प्रदेश सवाल करने लगा है। राजधानी देहरादून के भीतर बीते 18 दिनों में हुई 6 हत्याओं ने सत्ताधारी भाजपा कों गंभीर प्रश्नों से लिपटे कटघरे में खड़ा कर दिया है। विपक्षी दल कांग्रेस और प्रदेश की जनता का राज्य सरकार से सीधा प्रश्न है कि क्या प्रदेश की राजधानी में नागरिक सुरक्षा और जीरो टॉलरेंस की नीति केवल कागजों में ही सिमटकर अपना दम तोड़ चुकी हैं? आखिर, प्रशासन नागरिक सुरक्षा को लेकर क्या कर रहा है, एक के बाद एक ताबड़तोड़ हत्याओं ने राजधानी का सीना ही नहीं बल्कि यहां कि जनता के विश्वास को भी छलनी किया है।
वहीं उत्तराखंड में लगातार बढ़ते अपराधों और ढीली कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस भी खुलकर सामने आई है, इस क्रम में कांग्रेसियों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए प्रदर्शन करते हुए पुलिस मुख्यालय कूच किया। सुभाष रोड पर लगे बैरिकेडिंग पर चढ़कर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चकराता विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत व अन्य नेताओं ने कहा कि प्रदेश में लगातार अपराध की घटनाएं सामने आ रही है, लेकिन प्रदेश में कानून व्यवस्था ठप है।
11 दिन में तीसरी वारदात, दहशत में राजधानी
देहरादून के पॉश इलाके राजपुर रोड पर शुक्रवार सुबह 10 बजे विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या से शहर में सनसनी फैल गई। गुंजन हत्याकांड, अर्जुन हत्याकांड के बाद यह 11 दिनों में तीसरी दिनदहाड़े हत्या है, जिसने शांत वादियों में सुकून की भी हत्या कर दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, लेकिन लगातार घटनाओं से जनता में आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर शांत देहरादून में अपराधी इतने बेखौफ कैसे हो गए? व्यापारी वर्ग और निवासी दहशत में जी रहे हैं, कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।





