उत्तराखंड
युवाओं में मोबाइल+जंक फूड का कहर: कोलेस्ट्रॉल-मोटापा रिकॉर्ड स्तर पर
आज के समय में घंटों मोबाइल का उपयोग, जंक फूड का बढ़ता शौक और शारीरिक सक्रियता में कमी युवाओं के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गई है। देहरादून के अस्पतालों की ओपीडी (OPD) में आने वाले 20 से 35 वर्ष के युवाओं में से लगभग 10 से 15 प्रतिशत मरीज फैटी लीवर, बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और माइग्रेन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, डिजिटल स्क्रीन के सामने ज्यादा वक्त बिताने और गलत तरीके से बैठने के कारण युवाओं में गर्दन और कमर दर्द (सर्वाइकल) की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
बढ़ते माइग्रेन और सर्वाइकल का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, कंप्यूटर और मोबाइल पर अत्यधिक समय बिताने से युवाओं और महिलाओं में माइग्रेन की समस्या काफी बढ़ गई है। रोजाना दर्जनों मरीज सिरदर्द, चक्कर आने और एकाग्रता (फोकस) की कमी की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही, मोबाइल चलाते समय बैठने का गलत तरीका शरीर के पॉस्चर को खराब कर रहा है, जिससे कम उम्र में ही सर्वाइकल और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं आम हो गई हैं।
खराब खान-पान और मोटापे का असर
देर रात तक जागना, मोबाइल देखते हुए खाना खाना और बाहर के जंक फूड पर निर्भरता ने युवाओं के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ दिया है। घंटों सोशल मीडिया रील्स और वीडियो देखने की लत ने शारीरिक व्यायाम को लगभग खत्म कर दिया है, जिससे मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण है कि युवाओं में अब वो बीमारियां देखी जा रही हैं जो पहले केवल अधिक उम्र के लोगों में होती थीं, जैसे कि लीवर की समस्याएं और हाई कोलेस्ट्रॉल।
स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टरों की सलाह
स्वस्थ जीवन के लिए डॉक्टरों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
संतुलित आहार: जंक फूड और कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय ताजे फल, हरी सब्जियां और पर्याप्त पानी को अपनी डाइट में शामिल करें।
डिजिटल डिटॉक्स: खाना खाते समय मोबाइल और टीवी से पूरी तरह दूरी बनाएं और सोने से कम से कम एक घंटा पहले स्क्रीन का उपयोग बंद कर दें।
शारीरिक व्यायाम: रोजाना कम से कम 30 मिनट पैदल चलें, योग करें या अपनी पसंद का कोई खेल खेलें।





