उत्तराखंड
काशीपुर में ₹20 हजार की रिश्वत लेते कनिष्ठ अभियंता गिरफ्तार, BDO फरार
काशीपुर। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले के काशीपुर क्षेत्र में विजिलेंस की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस की टीम ने सोमवार को कुंडा क्षेत्र में जाल बिछाकर जसपुर ब्लॉक में उपनल के माध्यम से कार्यरत कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार को ₹20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं मामले का दूसरा आरोपी ग्राम विकास अधिकारी मौके से फरार हो गया।
विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी जेई ने क्षेत्र में वॉटर कूलर लगाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में इस घूस की मांग की थी। पीड़ित ठेकेदार की सतर्कता के कारण यह पूरा मामला उजागर हो सका। विजिलेंस के निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली ट्रैप टीम की सराहना करते हुए पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
दरअसल, जसपुर ब्लॉक के ग्राम मनोरथपुर निवासी एक पंजीकृत ठेकेदार ने क्षेत्र में वॉटर कूलर लगाने का काम लिया था। आरोप है कि इस वॉटर कूलर को लगाने के एवज में जसपुर ब्लॉक के उपनल जेई विवेक कुमार ने ठेकेदार से ₹20 हजार की रिश्वत मांगी थी। इसके साथ ही ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने भी ₹12 हजार की घूस की मांग की थी।
रिश्वतखोर अधिकारियों के इस उत्पीड़न से तंग आकर ठेकेदार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई। उसने विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके जेई विवेक कुमार और ग्राम विकास अधिकारी दीपक सागर के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत मिलने के बाद सतर्कता विभाग ने मामले की गोपनीय जांच कराई, जो पूरी तरह सही पाई गई।
विजिलेंस का बिछाया जाल और रंगेहाथ गिरफ्तारी
शिकायत की सत्यता प्रमाणित होने के बाद पुलिस अधीक्षक सतर्कता के निर्देश पर तुरंत एक विशेष ट्रैप टीम बनाई गई। योजना के मुताबिक, सोमवार को जैसे ही ठेकेदार घूस की रकम लेकर कनिष्ठ अभियंता से मिलने पहुंचा, विजिलेंस टीम ने कुंडा क्षेत्र में घेराबंदी कर दी। जैसे ही जेई विवेक कुमार ने ठेकेदार से ₹20 हजार रुपये की घूस अपने हाथ में ली, टीम ने उसे मौके पर ही रंगेहाथ दबोच लिया।
इस अचानक हुई छापेमारी के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गया। विजिलेंस टीम जब जेई विवेक कुमार को अपनी कस्टडी में ले रही थी, तभी दूसरा आरोपी ग्राम विकास अधिकारी दीपक सागर पुलिस को चकमा देकर मौके से भागने में कामयाब रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार ग्राम विकास अधिकारी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार और विजिलेंस की अपील
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम आरोपी जेई विवेक कुमार को लेकर हल्द्वानी स्थित कार्यालय आई, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। विजिलेंस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने ट्रैप टीम के इस त्वरित ऐक्शन की सराहना करते हुए टीम के मनोबल को बढ़ाने के लिए पुरस्कार का ऐलान किया है। इसके साथ ही सतर्कता विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत विजिलेंस के टोल फ्री नंबर पर इसकी सूचना दें, ताकि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के संकल्प को पूरा किया जा सके।




