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उत्तराखंड

चमोली में भारी बारिश का अलर्ट: 6 अगस्त को 1 से 12 तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद

चमोली। मौसम विज्ञान विभाग द्वारा उत्तराखंड के चमोली जिले में 6 अगस्त को भारी से अत्यंत भारी वर्षा, गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। मौसम के इस विकराल रूप को देखते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाते हुए छात्रों की सुरक्षा के हित में जिले भर में अवकाश का ऐलान कर दिया है।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने संभावित प्राकृतिक आपदा और आकाशीय बिजली के खतरे को देखते हुए 6 अगस्त को जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए हैं। इस आदेश के तहत चमोली जिले के अंतर्गत आने वाले समस्त शासकीय, अशासकीय, निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पूर्ण रूप से अवकाश घोषित किया गया है।

मौसम विभाग की चेतावनी में बताया गया है कि क्षेत्र में गर्जन के साथ तेज बौछारें और आकाशीय बिजली गिरने की तीव्र संभावना बनी हुई है। पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए बच्चों को घर से बाहर निकालना जोखिम भरा हो सकता था। इसी कारण प्रशासन ने एहतियाती तौर पर यह सुरक्षात्मक कदम उठाया है।

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जिला प्रशासन ने इस आदेश को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे जिले के प्रत्येक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र तक आदेश की तामील सुनिश्चित कराएं। किसी भी तरह की लापरवाही बरते जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

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उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मानसून के दौरान भारी बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाएं अक्सर गंभीर रूप ले लेती हैं। ऐसे में चमोली जिला प्रशासन का यह फैसला विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रशासन ने आम नागरिकों और यात्रियों से भी संवेदनशील इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की है।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम को भी अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के मिजाज को देखते हुए बच्चों को घर पर ही सुरक्षित रखें और नदी-नालों या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की तरफ जाने से बचें।v

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