उत्तराखंड
उत्तराखंड में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर सियासत: पूर्व CM हरीश रावत ने किया खुलासा, उत्तराखंड में भालू छोड़ने का आरोप
उत्तराखंड में बीते दिनों पहले मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं ने पूरे प्रदेश को खौफ का वह मंजर दिखाया था, जिसकी कल्पना मात्र भी भयावाह है। वहीं इस मुद्दे पर बीते दिनों पहले उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान सोशल मीडिया में पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी दी थी कि उत्तर प्रदेश से लंगूर ,बंदर और भालू पकड़कर उत्तराखंड के जंगलों में छोड़े जा रहे हैं। जिसके बाद प्रदेश में तेजी से यह सवाल उठने लगा कि आखिर क्या उत्तराखंड के जंगली इकोसिस्टम के साथ छेड़छाड़ की जा रही है? जिसके नतीजतन मानव-वन्यजीव संघर्ष में बढ़ोतरी होने से आम जनता को इसका दंश झेलना पड़ रहा है।
पूर्व CM हरीश रावत का चिंताजनक दावा
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने पोस्ट में लिखा-‘अपने दिल्ली प्रवास के दौरान मुझे उत्तराखंड के संदर्भ में कुछ चिंताजनक और अजीब सी जानकारी मिली। इस दौरान मुझे उत्तर प्रदेश से सेवानिवृत्त हुए एक अधिकारी मिले, जिन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से लंगूर, बंदर और भालू पकड़कर उत्तराखंड के जंगलात में छोड़े जा रहे हैं। इस समय उत्तराखंड में उन बंदर और लंगूरों के झुंड दिखाई दे रहे हैं जो यहां देखे जाने तो छोड़िए, कभी पैदा ही नहीं हुए। इसी प्रकार उन्होंने भालू के संदर्भ में बताया कि भारी-भरकम शरीर, लंबा कद और छोटे बाल वाले भालू उत्तराखंड की प्राकृतिक प्रजाति है ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड में सामान्यतः छोटे कद और घने बालों वाले भालू पाए जाते हैं, जो आजकल ग्रामीण अंचलों में आतंक का पर्याय बने हुए हैं। मैं यह जानकारी इसलिए साझा कर रहा हूँ ताकि संबंधित लोग सतर्क होकर इस संभावना का आंकलन कर सकें और भविष्य के लिए आवश्यक बचाव के उपाय किए जा सकें।’
सरकार और वन विभाग ने किया खंडन
बहरहाल, जहां एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपने कार्यकाल में भी इस प्रकार की घटनाओं के होने का हवाला देते हुए राज्य सरकार का घेराव किया तो वहीं राज्य सरकार और वन विभाग उत्तराखंड में हरीश रावत की बातों का खंडन करती नजर आ रही है। अब देखना होगा कि क्या हरीश रावत के आरोप उड़ी-उड़ाई बाते हैं या वास्तविकता में उत्तर प्रदेश से जंगली जानवर उत्तराखंड के जंगलों में वन विभाग और राज्य सरकार की नाक के नीचे से छोड़े जा रहे है ।





