उत्तराखंड
चंपावत को सूखाग्रस्त जिला घोषित करने की मांग, किसान मायूस
चंपावत जिले में लंबे समय से बारिश न होने के चलते जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों के द्वारा खेतों में बोई गई फसल पूरी तरह सूख चुकी है, जिस कारण किसान पूरी तरह मायूस हो चुके हैं। जिला किसान संगठन के पूर्व जिला अध्यक्ष नवीन करायत व जिला मीडिया प्रभारी मोहन चंद्र पांडे ने जानकारी देते हुए कहा अक्टूबर के महीने से एक बूंद पानी नहीं बरसा जिस कारण किसानों की फसले पूरी तरह सुख गई है। उन्होंने कहा पर्वतीय क्षेत्र की किसानों की आजीविका पूरी तरह खेती व पशुपालन पर निर्भर रहती है। किसानों ने बैंकों से ऋण लेकर बीज की बुवाई की थी पर खेत पूरी तरह सूख चुके हैं पर्वतीय क्षेत्र की खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर रहती है।
किसानों पर बैंकों का ब्याज और चढ़ चुका है। पूर्व जिला अध्यक्ष करायत व जिला मीडिया प्रभारी मोहन चंद्र पांडे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पर्वतीय क्षेत्रों की किसानों की समस्या को देखते हुए किसानों के कृषि ऋण को माफ करने की मांग की है। कहा बारिश न होने के कारण किसान अभी तक क्षेत्र की प्रमुख नगदी फसल आलू की बुवाई तक नहीं कर पाए हैं। किसान ऋण चुकाने में अपने को असमर्थ महसूस कर रहे हैं उन्होंने कहा उन्हें पूरा विश्वास है प्रदेश के मुख्यमंत्री चंपावत जिले के पर्वतीय क्षेत्रों के किसानो की इस समस्या को देखते हुए उनके कृषि ऋण को जरूर माफ करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले जंगली जानवरों ने उनकी फसले तबाह करी और अब सूखा कर रहा है।





