उत्तराखंड
देहरादून-पांवटा साहिब हाईवे का 95% काम पूरा, 44KM के लिए अब मात्र 35 मिनट का सफर
देहरादून से पांवटा साहिब की दूरी अब मात्र 35 मिनट में तय हो सकेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा बनाए जा रहे 44 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे का निर्माण 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इस परियोजना की लागत 1640 करोड़ रुपये है, जो 2022 में स्वीकृत हुई थी और दो चरणों में बनाई जा रही है। NHAI के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि यमुना नदी पर 1.17 किलोमीटर लंबा मजबूत पुल बन चुका है, जबकि हिमाचल प्रदेश की ओर एप्रोच रोड का काम चल रहा है। प्रेमनगर के पास अंडरपास का निर्माण पूरा होते ही हाईवे पूरी तरह चालू हो जाएगा।
यह हाईवे उत्तराखंड और हिमाचल को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यात्रियों को तेज और सुरक्षित सफर मिलेगा, जिससे ट्रैफिक जाम कम होगा और ईंधन की बचत होगी। स्थानीय व्यापारियों को भी फायदा पहुंचेगा क्योंकि पांवटा साहिब जैसे धार्मिक स्थल आसानी से पहुंच योग्य हो जाएंगे। पर्यटन बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। NHAI ने गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया है, ताकि हाईवे लंबे समय तक टिकाऊ रहे। देहरादूनवासियों के लिए यह राहत की खबर है, जो पहले घंटों लगने वाले सफर को मिनटों में बदल देगी। जल्द ही उद्घाटन की उम्मीद है।
देहरादून-पांवटा साहिब हाईवे 95% पूरा
देहरादून से हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब तक की दूरी अब सिर्फ 35 मिनट में तय हो सकेगी। NHAI द्वारा बनाए जा रहे 44 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे का 95% काम पूरा हो चुका है। कुल लागत 1640 करोड़ रुपये की इस परियोजना को 2022 में स्वीकृति मिली थी और दो पैकेजों में विकसित किया गया। पैकेज-1 में पांवटा साहिब से मेदनीपुर तक 18.700 किमी हाईवे बनाया गया, जिसकी लागत 523.21 करोड़ है। इसमें यमुना नदी पर 1.17 किमी लंबा मजबूत पुल शामिल है।
पैकेज-2 में मेदनीपुर से बल्लुपुर तक 26.100 किमी का निर्माण हुआ, जिसकी लागत 1093 करोड़ रही। NHAI परियोजना निदेशक सौरभ सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रेमनगर अंडरपास और हिमाचल की ओर एप्रोच रोड बाकी हैं, पूरा होते ही हाईवे चालू हो जाएगा। सहायक इंजीनियर सुमित सिंह, रवि दिनकर, पंकज भारद्वाज आदि मौजूद रहे। यह हाईवे दोनों राज्यों को मजबूती से जोड़ेगा, ट्रैफिक सुगम होगा और दुर्घटनाएं कम होंगी। पर्यटक, व्यापारी और स्थानीय लोग लाभान्वित होंगे। तेज सफर से समय और ईंधन बचेगा, आर्थिक विकास को गति मिलेगी। गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। देहरादूनवासी अब आसानी से पांवटा साहिब पहुंच सकेंगे।





