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उत्तराखंड

Uttarakhand Weather: गर्मी से मिलेगी राहत, 17 से 20 जुलाई तक ‘येलो अलर्ट’ जारी

देहरादून। उत्तराखंड में उमस भरी गर्मी झेल रहे मैदानी इलाकों के लिए मौसम विभाग ने राहत और सतर्कता दोनों की बड़ी खबर जारी की है। मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, प्रदेश भर में आगामी 17 जुलाई से मौसम का मिजाज एक बार फिर पूरी तरह बदलने वाला है।

मौसम विभाग ने 17 जुलाई से लेकर 20 जुलाई तक पूरे उत्तराखंड में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी कर दिया है, जिसका सीधा असर आम जनजीवन और चारधाम यात्रियों पर पड़ सकता है।

फिलहाल राज्य के मैदानी इलाकों में बीते कुछ दिनों से चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी का दौर जारी है, जिससे लोग बेहाल हैं। हालांकि, इसके विपरीत प्रदेश के ऊंचाई वाले पर्वतीय क्षेत्रों में रुक-रुक कर कुछ स्थानों पर बारिश देखी जा रही है। देहरादून मौसम केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने मानसून के आंकड़ों की जानकारी देते हुए बताया कि चालू जुलाई महीने में हुई बारिश ने अब तक पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

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वहीं अगर पूरे चालू मानसून सीजन के कुल आंकड़ों की बात करें, तो राज्य में अब तक कुल वर्षा का ग्राफ माइनस 7 प्रतिशत दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून सीजन में माइनस 7 फीसदी की इस गिरावट को सामान्य वर्षा की श्रेणी के आसपास ही माना जाता है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में होने वाली सक्रिय बारिश से इस कमी की पूरी तरह भरपाई होने की उम्मीद है।

डॉ. तोमर की ओर से जारी ताजा वेदर बुलेटिन के अनुसार, आगामी दो दिनों के भीतर राज्य के पांच पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। इन जिलों के कुछ संवेदनशील इलाकों में अचानक तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। वहीं उत्तराखंड के शेष अन्य जनपदों में इस दौरान मौसम मुख्य तौर पर शुष्क रहने या फिर बेहद हल्की से हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 16 जुलाई के बाद से ही मानसूनी सिस्टम दोबारा सक्रिय होगा और राज्य में मौसम करवट लेना शुरू कर देगा। इस बदलाव के तहत सबसे पहले कुमाऊं मंडल के नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और ऊधमसिंह नगर इन जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की शुरुआत देखी जा सकती है। इसके बाद मानसूनी हवाएं पूरे राज्य को अपनी जद में ले लेंगी।

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पूरी तरह से मानसूनी सक्रियता का दौर 17 जुलाई से शुरू होकर करीब 20 जुलाई तक लगातार रहने की संभावना जताई गई है। इस चार दिवसीय स्पेल के दौरान गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडलों के मैदानी और पर्वतीय इलाकों में व्यापक रूप से बारिश होगी। मौसम केंद्र ने इस दौरान पर्वतीय रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों, पर्यटकों और नदी किनारे रहने वाले स्थानीय निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।

निदेशक डॉ. सीएस तोमर ने बताया कि 17 से 20 जुलाई के बीच होने वाली इस बारिश को देखते हुए ही विभाग द्वारा समय रहते येलो अलर्ट जारी किया गया है। अचानक होने वाली तेज बारिश के कारण संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन और मलबे के कारण सड़कें बंद होने का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों को भी इस अलर्ट के बाद मुस्तैद रहने की ओर इशारा किया गया है।

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