उत्तराखंड
उत्तराखंड राजस्व विभाग सशक्त: संसाधनों के लिए 5 करोड़ की स्वीकृति…राजस्व कार्यों में आएगी तेजी
उत्तराखंड बढ़ते समय में तकनीकि रुप से भी सक्षम हो रहा है, प्रदेश की सरकारी कार्यक्रणाली में भी नई तकनीक और डिजिटल वर्कफ्लो को अपनाया जा रहा है। इसी क्रम में उत्तराखंड शासन द्वारा प्रदेश के लेखपालों को लैपटॉप उपलब्ध कराने के लिए 5 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गई है, यह धनराशि राजस्व परिषद के माध्यम से जारी की गई है। वहीं उत्तराखंड लेखपाल संघ के प्रदेश महामंत्री तारा चंद्र घिल्डियाल ने उत्तराखंड शासन के इस निर्णय को संघ के निरंतर संघर्ष और शासन के साथ संवाद का उचित परिणाम बताते हुए कहा कि लैपटॉप मिलने से राजस्व विभाग के कार्यों में पारदर्शिता आएगी, गति बढ़ेगी और कर्मचारियों की कार्यक्षमता में सुधार होगा। संघ के अनुसार, इन तकनीकी संसाधनों के मिलने के बाद मैदानी क्षेत्रों में पीएम किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े खातों का अंश निर्धारण कार्य फिर से प्रभावी ढंग से शुरू हो गया है, फार्मर रजिस्ट्री से संबंधित कार्यों को भी तेजी से निपटाया जाएगा।
संघ ने बताया कि बहुत समय से संसाधनों के न होने की कमी की वजह से हमने उत्तराखंड शासन से आग्रह किया था कि हमारे संसाधनों को बढ़ाया जाए। अभी हाल ही में 10करोड़ की धनराशि मै से 5 करोड़ की धनराशि हमारे लेखपाल और पटवारियों के लिए संसाधनों के रूप में उपलब्ध कराया है, जिसके लिए मैं उनका अपने संघ की और से धन्यवाद अदा करता हूं।
प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण
लेखपाल संघ ने स्पष्ट किया है कि निर्विवाद खातों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आम जनता को समय पर लाभ पहुंचाना और उन्हें कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने से बचाना है,लेखपाल संघ ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय राजस्व व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करेगा। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी। संघ ने शासन का पुनः आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सहयोग की उम्मीद जताई इस पहल को प्रदेश के लेखपालों के लिए एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम मान जा रहा है। इससे कर्मचारियों को सुविधा मिलने के साथ-साथ आम नागरिकों को भी त्वरित और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।





