उत्तराखंड
उत्तराखंड गवर्नेंस रिपोर्ट: यूसीसी लागू, नकल माफिया पर शिकंजा और 35 हजार युवाओं को पारदर्शी नौकरियां
देहरादून। उत्तराखंड राज्योत्सव के भव्य और ऐतिहासिक मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश की जनता के सामने अपनी सरकार का व्यापक रिपोर्ट कार्ड पेश किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य के आर्थिक, सामाजिक और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े विकास कार्यों को विस्तार से रखा। इस दौरान उन्होंने विपक्षी दलों और खासकर कांग्रेस पार्टी के बयानों और वादों पर तीखा पलटवार किया।
मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए कांग्रेस के वादों पर बड़ा सवाल खड़ा किया। उन्होंने कहा कि वहां की सरकार आज अपने कर्मचारियों को समय पर वेतन देने में असमर्थ है, जबकि उत्तराखंड में चुनाव जीतने पर तरह-तरह के लोकलुभावन पेंशन और अन्य दावे किए जा रहे हैं। धामी ने जोर देकर कहा कि समान भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद डबल इंजन सरकार के मजबूत विजन और नीतियों के कारण उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर अनूठी मिसाल कायम की है।
राज्य की आर्थिक तरक्की और प्रगति के आंकड़े रखते हुए सीएम धामी ने बताया कि प्रदेश की जीडीपी लगभग 3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। राज्य में प्रति व्यक्ति आय लगभग ₹2,74,000 है, जो राष्ट्रीय औसत से 25 प्रतिशत अधिक है। इसके अलावा, राज्य की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत है, जो निरंतर और तीव्र प्रगति का स्पष्ट प्रमाण है। राष्ट्रीय स्तर पर मिल रही सफलताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों में उत्तराखंड देश भर में पहले स्थान पर रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया देहरादून दौरे पर तीखा निशाना साधते हुए सीएम धामी ने इसे ‘झूठ की गूंज’ करार दिया। नकल विरोधी कानून पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए नकल माफिया को जेल भेजा है और बिना किसी भ्रष्टाचार या पर्ची-खर्ची के 35,000 से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां दी हैं। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय नेतृत्व का आभार जताते हुए राज्य के विकास, समृद्धि और सामाजिक सद्भाव को लगातार बनाए रखने का अपना कड़ा संकल्प दोहराया।



