उत्तराखंड
राजधानी में 6 माह की दलित गर्भवती महिला से दुष्कर्म… मुकदमा दर्ज
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून को एक बार फिर शर्मशार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां चकराता क्षेत्र के बिजनु गाँव मे 6 महीने की गर्भवती दलित महिला के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। दरअसल, महिला 1 दिसंबर को चकराता तहसील में नायब तहसीलदार राजेंद्र शाह के पास पहुंची और आरोपी के खिलाफ तहरीर देते हुए बताया कि वो अनुसूचित जाति की है और वह 6 माह की गर्भवती है। पीड़ित महिला अपने परिवार के साथ विकासनगर में रहती है और बीती 21 नवंबर को महिला अपने पति और बच्चो के साथ बूढ़ी दिवाली मनाने के लिए चकराता में मौजूद अपने गांव में गई थी। पीड़ित महिला ने बताया कि वो 28 नवंबर को कपड़े धोने के लिए घर से 100 मीटर की दूरी पर गई थी,जहां गांव के ही एक युवक मुकेश चौहान ने उसे जबरन पकड़ा, हाथ से जबरन मुँह बंद किया और नजदीक के एक शौचालय में घसीट कर ले गया। पीड़ित महिला के मुताबिक शौचालय के भीतर ही महिला के साथ युवक ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।
6 माह की दलित गर्भवती महिला के साथ दुष्कर्म
इस घटना के बाद पीड़िता ने घर पहुंचकर पूरा मामला अपने पति को बताया, जिसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पीड़िता ने अपनी तहरीर में यह भी बताया कि आरोपी के परिवार की ओर से मामले को दबाने के लिए 1 लाख रुपयों का लालच और जान से मारने की धमकी भी दी गई। हालांकि, पीड़ित महिला की तहरीर पर नायब तहसीलदार ने संबंधित धाराओं में आरोपी युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन महिला अपराध से जुड़ा मामला होने के कारण उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने राजस्व पुलिस से मामला फौरन रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर करने के निर्देश दिए हैं साथ ही पीड़िता को तुरंत सुरक्षा और आरोपियों पर कठोर कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।





