उत्तराखंड
हरिद्वार गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं की एंट्री बंद करे सरकार, गंगा सभा को संत समाज का खुला समर्थन
धर्मनगरी हरिद्वार में गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं की ऐंट्री पर रोक लगाने की मांग अब और भी तेज हो चुकी है। दरअसल, गंगा सभा ने हाल में धर्मनगरी हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेस को पूर्णत: वर्जित करने की मांग को लेकर आवाज उठाई, जिसके समर्थन में अब संत समाज की ओर से भी पुरजोर हामी भरी गई है। संत समाज ने हरिद्वार में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को सनातन आस्था, धार्मिक मर्यादा और कुंभ नगरी की पवित्रता से जुड़ा विषय बताया और प्रशासन से सख्त निर्णय लेने की मांग करी।
गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर संत समाज सख्त
हरिद्वार के गंगा घाटों पर गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग पर गंगा सभा को अब संत समाज का भी खुला समर्थन मिल चुका है। संत समाज का कहना है कि जिस प्रकार सरकार पहले से ही धार्मिक स्थलों की शुद्धता और पहचान बनाए रखने के लिए लैंड जिहाद, थूक जिहाद और कालनेमि जैसी योजनाएं चला रही है, ऐसी स्थिति में यदि सरकार कुंभ नगरी में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाती है तो संत समाज इसका पूरी मजबूती से समर्थन करेगा। वहीं संत समाज से जुड़े महंत रुपेंद्र ने कहा कि जिस तरह मक्का-मदीना में गैर-मुस्लिमों का प्रवेश वर्जित है और वेटिकन सिटी में गैर-ईसाइयों की सीमित पहुंच है, उसी तरह कुंभ नगरी जैसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घाटों पर कुछ असामाजिक तत्व थूकने और अनुचित गतिविधियों के जरिए धार्मिक वातावरण को दूषित करते हैं, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





