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उत्तराखंड

बद्री‑केदार धाम में बड़ा बदलाव: अब विशेष पूजाएं रात को, दिन में सामान्य दर्शन

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने एक बड़ा निर्णय लिया है। इस बार भीड़ नियंत्रण और आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से ‘विशेष पूजाओं’ का आयोजन रात के समय किया जाएगा। इससे दिन के समय मंदिर के गर्भगृह में भीड़ कम होगी और लाइन में लगे आम यात्रियों को दर्शन के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मंदिर समिति ने यह फैसला तीर्थ पुरोहितों और पंडा समाज की राय के बाद लिया है।

भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन प्राथमिकता

बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय (चित्र में हेमंत द्विवेदी, अध्यक्ष बीकेटीसी के उद्धरण के साथ) के अनुसार, मंदिर समिति की प्राथमिकता श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के दर्शन उपलब्ध कराना है। अक्सर विशेष पूजाओं के कारण गर्भगृह में भीड़ बढ़ जाती थी, जिससे सामान्य दर्शन व्यवस्था प्रभावित होती थी। अब दिन का समय पूरी तरह से सामान्य दर्शन के लिए समर्पित रहेगा, जिससे देश-दुनिया से आने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी।

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पूजा के समय और शुल्क व्यवस्था

बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार विशेष पूजाएं कराते हैं, जिसके लिए बीकेटीसी द्वारा विधिवत बुकिंग और शुल्क लिया जाता है। नई व्यवस्था के तहत, इन विशेष पूजाओं के लिए रात का समय निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त, धामों में होने वाली पारंपरिक पूजाओं के समय में भी कुछ कटौती की गई है ताकि अधिक से अधिक समय आम जनता के दर्शन के लिए उपलब्ध हो सके।

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प्रात:कालीन महाभषेक का नया समय

बद्रीनाथ धाम में होने वाली ‘प्रात:कालीन महाभषेक पूजा’ के समय में भी बदलाव किया गया है। पहले यह पूजा सुबह साढ़े छह बजे तक संपन्न हो जाती थी, लेकिन अब इसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित किया गया है, जो साढ़े आठ बजे तक चलेगा। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य मंदिर के भीतर की व्यवस्था को व्यवस्थित करना और सुरक्षा के साथ-साथ सुगमता सुनिश्चित करना है।

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