उत्तराखंड
उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सड़क पर, 11 सूत्रीय मांगो पर फूटा गुस्सा…सौंपा ज्ञापन
उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आई हैं। वे राज्य सरकार से प्रतिदिन 140 रुपये मानदेय बढ़ाने, केंद्र को 150 रुपये का प्रस्ताव भेजने, सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये का जीओ जारी करने, 300 रुपये मासिक कटौती रोकने, बायोमेट्रिक मशीन से छूट, सुपरवाइजर पदों पर सीनियरिटी आधारित वार्षिक भर्ती, 60 वर्ष की आयु पर 1 लाख रुपये, सेवानिवृत्ति आयु 62 करने, आंगनबाड़ी भवनों का किराया बढ़ाने, अन्य विभागों के कार्यों के लिए 1000 रुपये प्रतिमाह मिलने, नंदा गौरा योजना का लाभ सहित अन्य मांगें कर रही हैं।
विभिन्न जिलों जैसे पौड़ी, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर में रैलियां निकाली गईं, धरने दिए गए और जिलाधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न हुईं तो 26 फरवरी से प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज होगा। लगभग 40 हजार कार्यकर्ताओं का यह आंदोलन महिला सशक्तीकरण विभाग पर दबाव बना रहा है। सरकार ने पहले मानदेय में सीमित वृद्धि का प्रस्ताव दिया था, लेकिन कार्यकर्ता राज्य कर्मचारी दर्जा और पूर्ण सुविधाएं चाहती हैं। यह आंदोलन बच्चों और महिलाओं के कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठा रहा है।





