उत्तराखंड
मकर सक्रांति पर्व पर खुले आदि बद्री के कपाट, श्रद्धालुओं ने किए भगवान की अभय मुद्रा के दर्शन
उत्तराखंड स्थित सप्त बद्री में प्रथम आदि बदरीनाथ धाम के कपाट आज बुधवार को मकर सक्रांति के पावन अवसर पर प्रात: 5:30 बजे खोले गए। इसी के साथ धाम में सात-दिवसीय महाभिषेक समारोह का भी शुभारंभ हो चुका है, आपको बता दें कि परंपरा के अनुसार आदि बद्री मंदिर समूह के कपाट पौष यानी दिसंबर मध्य माह में एक महिने के लिए बंद किए जाते हैं। वहीं जब मंदिर समूह के कपाट खुलते हैं तो उस दौरान श्रद्धालू भगवान विष्णु की अभय मुद्रा में श्रृंगार के दर्शन करते हैं। आदि बद्री धाम के पुजारी चक्रधर थपलियाल ने बताया कि धाम के कपाट खुलने के उपलक्ष पर मंदिर को दो क्विंटल गेंदे के फूलों से भव्य रुप से सजाया गया है।
धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति
वहीं आदि बद्री मंदिर समिति के अध्यक्ष जगदीश प्रसाद बहुगुणा ने बताया कि बुधवार को मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही सात गढ़वाल मंडल कीर्तन मंडप में श्रीमद्भागवत सप्ताह का भी शुभारंभ हो गया। वहीं सुबह 11 बजे गढ़वाल स्काउट बैंड की मधुर धुन के बीच जिला पंचायत चमोली के अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट महाभिषेक समारोह का उद्घाटन करेंगे। अध्यक्ष जगदीश बहुगुणा ने बताया कि समारोह के पहले दिन धाम क्षेत्र के महिला दलों के द्वारा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएंगी।





