उत्तराखंड
देहरादून दून अस्पताल में लावारिस मरीज को भर्ती करने में 15 घंटे की देरी, विभागों के चक्कर काटती रही फाइल
देहरादून के दून अस्पताल में एक लावारिस मरीज को भर्ती कराने में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। मरीज की भर्ती फाइल करीब 15 घंटे तक एक विभाग से दूसरे विभाग के बीच घूमती रही, जबकि डॉक्टर आपसी जिम्मेदारी तय करने में उलझे रहे। गुरुवार दोपहर इमरजेंसी में लाया गया मरीज शुक्रवार सुबह जाकर वार्ड में भर्ती हो सका।
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे एक लावारिस मरीज को आपात स्थिति में दून अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने का निर्णय तो लिया, लेकिन इसके बाद मरीज को किस विभाग में रखा जाए, इसे लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। इसी दौरान भर्ती से संबंधित फाइल सर्जरी, मेडिसिन और अन्य संबंधित विभागों के बीच घूमती रही।
जिम्मेदारी तय करने में उलझे विभाग, फाइल घूमती रही
मरीज को किस वार्ड में शिफ्ट किया जाए, इस पर स्पष्ट निर्णय नहीं हो सका। सर्जरी विभाग का मामला बताकर फाइल आगे बढ़ाई गई तो दूसरी ओर मेडिसिन विभाग ने अपनी आपत्ति जताई। इसी खींचतान के बीच पूरी रात बीत गई। अंततः शुक्रवार सुबह संबंधित विभाग ने मरीज को भर्ती किया।
प्रबंधन की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आपात स्थिति में लाए गए मरीज को समय पर वार्ड में भर्ती न कर पाना व्यवस्था की बड़ी चूक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।





