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उत्तराखंड

Uttarakhand High Court: बुग्यालों और ग्लेशियरों में फैलते प्लास्टिक कचरे पर हाईकोर्ट सख्त

नैनीताल। उत्तराखंड उच्च न्यायालय नैनीताल ने प्रदेश के धार्मिक स्थलों, सुरम्य बुग्यालों और ग्लेशियरों में पर्यटकों व श्रद्धालुओं द्वारा फैलाए जा रहे प्लास्टिक कचरे पर कड़ा संज्ञान लिया है। वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ ने इस विषय में दायर जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए याचिकाकर्ता को मुख्य सचिव के समक्ष प्रत्यावेदन देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस कदम से राज्य के पर्यावरण और तीर्थ क्षेत्रों के कचरा प्रबंधन में बड़े बदलाव की उम्मीद है।

अदालत ने मुख्य सचिव को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत प्रत्यावेदन पर राज्य सरकार गंभीरता से विचार करे और समस्या का स्थायी समाधान निकाले। इसके साथ ही, हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका को विषय से जुड़े अन्य लंबित मामलों के साथ जोड़कर आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध भी कर दिया है।

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यह जनहित याचिका समाजसेवी डॉ. आशुतोष पंत की ओर से दायर की गई थी। याचिका में चिंता जताई गई है कि प्रदेश के पवित्र धामों, सुरम्य बुग्यालों और संवेदनशील ग्लेशियरों में जाने वाले पर्यटक, पर्वतारोही और श्रद्धालु भारी मात्रा में सिंगल-यूज प्लास्टिक सामग्री छोड़ आते हैं, जिससे जंगलों, नदियों और वन्यजीवों के अस्तित्व पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

याचिकाकर्ता ने मुख्य सचिव को सौंपे जाने वाले प्रत्यावेदन में मांग की है कि बुग्यालों, ट्रैकिंग रूटों और धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लोगों की निगरानी के लिए अधिकृत अधिकारियों की तैनाती की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि पर्यटक पानी की खाली बोतलें और खाद्य सामग्री के पैकेट वापस लाएं, वर्ना उन पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

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इसके अलावा, भंडारे, शादी-विवाह और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में प्लास्टिक डिस्पोजेबल के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए आयोजक संस्थाओं से पूर्व में ही ‘सफाई बॉन्ड’ भरवाने का सुझाव दिया गया है। यदि आयोजक कार्यक्रम के बाद कचरा साफ करने में विफल रहते हैं, तो उन पर कड़ा आर्थिक दंड लगाया जाए।

याचिका में यह अनूठी मांग भी रखी गई है कि नियम तोड़ने वालों और कचरा फैलाने वालों से वसूले गए जुर्माने की राशि का उपयोग सीधे उन सफाई कर्मचारियों को भुगतान करने के लिए किया जाए, जो दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों और ग्लेशियरों से कचरा हटाने का काम करते हैं।

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